चढ़ावा विवाद पर साध्वी निरंजन ज्योति बोलीं, आंदोलन से जुड़े समर्पित लोगों को मिले राम मंदिर प्रबंधन की कमान
नई दिल्ली, 11 जुलाई (आईएएनएस)। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की चेयरपर्सन और भाजपा नेता साध्वी निरंजन ज्योति ने अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद, बद्रीनाथ दान मामले और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा का मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की चेयरपर्सन साध्वी निरंजन ज्योति ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि यह केवल आर्थिक अनियमितता का मामला नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़ा विषय है। उत्तर प्रदेश सरकार इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच करा रही है और कई लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है।
उन्होंने विश्वास जताया कि जांच पूरी होने पर सच्चाई सामने आएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ट्रस्ट को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए, जिसमें राम मंदिर आंदोलन से जुड़े और वर्षों तक समर्पित भाव से कार्य करने वाले लोगों को भी निगरानी और प्रबंधन में उचित भूमिका दी जाए।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक सभी को धैर्य रखना चाहिए और किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचना चाहिए।
बद्रीनाथ में दान से जुड़े कथित विवाद पर भी साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि सरकार पूरी सतर्कता के साथ कार्रवाई कर रही है और वहां भी एसआईटी का गठन किया गया है। यह सकारात्मक बात है कि ऐसे मामलों का खुलासा हो रहा है। उनके अनुसार, निष्पक्ष जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई होगी, जिससे भविष्य में कोई भी धार्मिक स्थल पर इस तरह की अनियमितता करने का साहस नहीं करेगा।
उन्होंने धार्मिक स्थलों पर दान में गड़बड़ी को बहुत बड़ा पाप बताते हुए कहा कि आस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सबसे महत्वपूर्ण होनी चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। उनके अनुसार प्रधानमंत्री ने दुनिया के विभिन्न देशों के साथ मित्रतापूर्ण संबंध मजबूत किए हैं और जब भी वह किसी देश की यात्रा करते हैं तो वहां के लोगों का उत्साह भारत के बढ़ते सम्मान को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल प्रधानमंत्री का नहीं, बल्कि पूरे भारत और उसके नागरिकों का सम्मान है।
--आईएएनएस
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