सीईसी ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें, वरना उनके खिलाफ महाभियोग चलाया जाए: राशिद अल्वी
नई दिल्ली, 25 सितंबर (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अल्वी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने जो किया है, वह लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने कहा कि यदि वह इस्तीफा नहीं देते हैं तो संसद के जरिए उनके खिलाफ महाभियोग की कार्रवाई की जानी चाहिए।
कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “ज्ञानेश कुमार ने जो किया है, वह लोकतंत्र की हत्या है। यह किसी एक व्यक्ति की हत्या का मामला नहीं है, बल्कि भारत की उस आजादी और लोकतांत्रिक व्यवस्था की हत्या की कोशिश है, जिसे हासिल करने के लिए लाखों लोगों ने अपना खून बहाया और जान दी।”
उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और बेहतर होगा कि वह स्वयं इस्तीफा दे दें। यदि वह इस्तीफा नहीं देते हैं तो संसद को उनके खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए।
कांग्रेस नेता ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने भाजपा के खिलाफ एंटी-इंकम्बेंसी नहीं होने को चुनावी प्रक्रिया में अनियमितताओं का बड़ा सबूत बताया।
अल्वी का आरोप है कि चुनाव आयोग और भाजपा मिलकर चुनावों को प्रभावित करते हैं। वह पिछले करीब 10 वर्षों से कुछ स्थानों के संदर्भ में इस तरह के सवाल उठाते रहे हैं।
अल्वी ने आरोप लगाया कि कुछ राज्यों में विपक्षी दलों की जीत को भी इस तरह की रणनीति का हिस्सा बनाया जाता है, ताकि चुनाव आयोग या भाजपा पर चुनाव में गड़बड़ी और ईवीएम में हेरफेर के आरोप लगने पर यह तर्क दिया जा सके कि जहां विपक्ष जीता, वहां कोई अनियमितता नहीं हुई। उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं और इसे भी उनके आरोपों के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
राशिद अल्वी ने यह भी दावा किया कि यदि दो चुनाव आयुक्तों ने मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा उनकी सहमति के बिना कई बार अकेले फैसले लेने की बात कही है, तो यह गंभीर मामला है। उन्होंने इसे चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का संकेत बताया और आरोप लगाया कि भाजपा तथा मुख्य चुनाव आयुक्त के बीच मिलीभगत है।
अल्वी ने सवाल उठाया कि जब भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते हैं, तो भाजपा के नेता उसके समर्थन में क्यों सामने आते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और चुनाव आयोग पर्दे के पीछे मिलकर काम कर रहे हैं।
कांग्रेस नेता ने लोकसभा और विधानसभा चुनावों को लेकर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में कथित हेरफेर के बावजूद भाजपा को बहुमत नहीं मिला। वहीं, उन्होंने महाराष्ट्र, हरियाणा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में भी चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि कथित अनियमितताएं चुनाव आयोग की जानकारी या सहमति के बिना संभव नहीं हो सकतीं।
--आईएएनएस
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