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सीबीएसई 10वीं रिजल्टः केवी शीर्ष पर, विदेशों में 99.10 प्रतिशत छात्र पास, दिल्ली रीजन में 97.45 फीसदी छात्र उत्तीर्ण

 

नई दिल्ली, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा कक्षा 10 के वर्ष 2026 के परिणाम जारी हो चुके हैं। इन परीक्षा परिणामों में यदि दिल्ली क्षेत्र के प्रदर्शन की बात करें तो दिल्ली क्षेत्र के छात्रों ने राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन किया है।

दिल्ली पूर्व क्षेत्र में कुल 2,11,121 छात्रों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 2,10,238 छात्र परीक्षा में शामिल हुए। इनमें से 2,04,628 छात्र सफल घोषित हुए, जिससे इस क्षेत्र का उत्तीर्ण प्रतिशत 97.33 प्रतिशत रहा। वहीं दिल्ली पश्चिम क्षेत्र में 1,35,768 छात्रों ने पंजीकरण कराया, 1,34,989 छात्र परीक्षा में शामिल हुए और 1,31,548 छात्र पास हुए। इस क्षेत्र का पास प्रतिशत 97.45 प्रतिशत रहा, जो दिल्ली पूर्व से थोड़ा अधिक है।

समग्र रूप से दिल्ली क्षेत्र का प्रदर्शन काफी प्रभावशाली रहा। कुल 3,46,889 छात्रों में से 3,45,227 छात्रों ने परीक्षा दी और 3,36,176 छात्र सफल हुए। इस प्रकार पूरे दिल्ली क्षेत्र का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 97.38 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो राष्ट्रीय औसत से भी बेहतर है। सीबीएसई परीक्षा परिणाम के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों, लिंग और स्कूल संस्थानों के आधार पर छात्रों के प्रदर्शन का विस्तृत आंकड़ा भी सामने आया है। इन आंकड़ों से देश और विदेश में पढ़ने वाले छात्रों के प्रदर्शन की एक स्पष्ट तस्वीर मिलती है।

विदेशों में स्थित सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों का प्रदर्शन भी उल्लेखनीय रहा है। वर्ष 2026 में 30745 छात्रों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 30665 छात्र परीक्षा में शामिल हुए और 30389 छात्र पास हुए। इससे कुल पास प्रतिशत 99.10 प्रतिशत रहा, जो पिछले वर्ष 98.57 प्रतिशत से बेहतर है।

लिंग आधारित परिणामों में भी दिलचस्प रुझान सामने आए हैं। वर्ष 2026 में छात्राओं का पास प्रतिशत 94.99 प्रतिशत रहा, जो लगभग पिछले वर्ष के 95.00 प्रतिशत के लगभग बराबर है। वहीं छात्रों का पास प्रतिशत 92.69 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष 92.63 प्रतिशत से थोड़ा अधिक है।

ट्रांसजेंडर छात्रों का पास प्रतिशत इस वर्ष 87.50 प्रतिशत रहा, जो पिछले वर्ष 95.00 प्रतिशत से कम है। संस्थानवार प्रदर्शन में केंद्रीय विद्यालयों ने 99.57 प्रतिशत पास प्रतिशत के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। जवाहर नवोदय विद्यालय 99.42 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर रहे। एसटीएसएस स्कूलों का परिणाम 97.42 प्रतिशत रहा। इंडिपेंडेंट स्कूलों का पास प्रतिशत 93.77 प्रतिशत दर्ज किया गया, जबकि सरकारी स्कूलों का 91.43 प्रतिशत और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों का पास प्रतिशत 91.01 फीसदी रहा।

शिक्षाविदों का कहना है कि वर्ष 2026 का यह परिणाम न केवल बेहतर शैक्षणिक प्रदर्शन को दर्शाता है, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों और संस्थानों के बीच संतुलित प्रगति का भी संकेत देता है।

--आईएएनएस

जीसीबी/डीकेपी