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सीबीआईसी ने विनिर्माता आयातकों के लिए विलंबित सीमा शुल्क भुगतान सुविधा प्रारंभ की

 

नई दिल्ली, 1 मार्च (आईएएनएस)। केंद्रीय बजट 2026-27 में की गई घोषणा के मुताबिक, केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने विश्वसनीय विनिर्माताओं के लिए एक नई सुविधा प्रारंभ की है। इसके तहत पात्र विनिर्माता आयातक (ईएमआई) नामक आयातकों की एक नई श्रेणी को विलंबित सीमा शुल्क भुगतान की सुविधा प्रदान की गई है। यह जानकारी वित्त मंत्रालय की ओर से रविवार को दी गई।

सीबीआईसी ने इसे लेकर परिपत्र संख्या 08/2026-सीमा शुल्क के माध्यम से विस्तृत पात्रता शर्तें, आवेदन की प्रक्रिया और परिचालन दिशानिर्देश भी जारी कर दिए हैं।

इस पहल के तहत, पात्र विनिर्माता आयातकों (ईएमआई) को माल की निकासी के समय सीमा शुल्क का भुगतान किए बिना आयातित माल की निकासी की सुविधा मिलेगी।

इस पहल से आयतक लागू शुल्क का भुगतान आयात शुल्क विलंबि‍त भुगतान नियम, 2016 के तहत मासिक आधार पर कर सकते हैं। इससे विनिर्माताओं को नकदी प्रवाह और कार्यशील पूंजी का बेहतर प्रबंधन करने में सहायता मिलेगी।

यह सुविधा 1 अप्रैल, 2026 से उपलब्ध होगी और 31 मार्च, 2028 तक लागू रहेगी। विलंबित भुगतान की सुविधा उन ईएमआई के लिए उपलब्ध होगी जो सीमा शुल्क और जीएसटी अनुपालन, व्‍यवसाय, वित्तीय स्थिति और पिछले रिकॉर्ड से संबंधित निर्धारित मानदंडों को पूरा करते हैं। पात्रता शर्तों को पूरा करने वाले मौजूदा एमएसएमई सहित एईओ-टी1 संस्थाएं भी इसमें भाग लेने के लिए पात्र हैं।

ईएमआई योजना एक विश्वास-आधारित सुविधा उपाय के रूप में तैयार की गई है, जो अनुपालन करने वाले विनिर्माताओं को सरल प्रक्रियाओं से लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करती है और उन्हें इसके अधिक अनुपालन के लिए प्रेरित करती है। इस योजना की वैधता अवधि के दौरान, अनुमोदित पात्र विनिर्माता आयातकों से अपेक्षा की जाती है कि वे धीरे-धीरे एईओ-टी2 या एईओ-टी3 का दर्जा प्राप्त करें, जिससे उन्हें एईओ कार्यक्रम के तहत बेहतर सुविधा, शीघ्र मंजूरी और प्राथमिकता प्राप्त हो सके।

वित्त मंत्रालय ने कहा कि ईएमआई योजना के तहत आवेदन 1 मार्च, 2026 से एईओ पोर्टल पर ‘‘पात्र विनिर्माता आयातक’’ टैब के अंतर्गत ऑनलाइन जमा किए जा सकते हैं ।

मंत्रालय ने आगे कहा कि इस सुधार से व्यापार करने में सुगमता में उल्लेखनीय सुधार होने, अनुपालन संस्कृति को बढ़ावा मिलने, एईओ कार्यक्रम में व्यापक भागीदारी को बढ़ावा मिलने और घरेलू विनिर्माण को गति मिलने की उम्मीद है। यह भारत के विनिर्माण-आधारित और निर्यात-उन्मुख विकास को समर्थन देने के लिए एक पूर्वानुमान योग्‍य, कुशल और सुगम सीमा शुल्क वातावरण बनाने के प्रति सीबीआईसी की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

--आईएएनएस

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