सीबीआई ने रिश्वत मामले में सीजीएचएस की अतिरिक्त निदेशक को किया गिरफ्तार
नई दिल्ली, 1 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच एजेंसी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने रिश्वतखोरी के एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मेरठ स्थित सीजीएचएस के स्वास्थ्य भवन में तैनात अतिरिक्त निदेशक और उनके निजी सहायक को गिरफ्तार कर लिया है।
सीबीआई के मुताबिक, यह मामला गुरुवार को दर्ज किया गया था, जिसमें आरोप था कि सीजीएचएस मुरादाबाद से मेरठ में एक कर्मचारी के तबादले में मदद करने के बदले 80,000 रुपये की रिश्वत की मांग की गई थी।
जांच के दौरान सीबीआई ने एक सुनियोजित जाल बिछाया। इस ऑपरेशन के तहत आरोपियों अतिरिक्त निदेशक नताशा वर्मा और उनके निजी सहायक सन्नी ने शिकायतकर्ता से 50,000 रुपये की रिश्वत लेने पर सहमति जताई। तय योजना के अनुसार, जैसे ही निजी सहायक ने अतिरिक्त निदेशक की ओर से रिश्वत की राशि स्वीकार की, सीबीआई टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। इसके बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि यह पूरा घटनाक्रम स्वास्थ्य भवन, सीजीएचएस, सूरजकुंड रोड, मेरठ में हुआ, जहां से यह अवैध लेनदेन संचालित किया जा रहा था। एजेंसी ने मामले से जुड़े अन्य संभावित पहलुओं की भी जांच शुरू कर दी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस भ्रष्टाचार में और कौन-कौन शामिल हो सकता है। फिलहाल, दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
वहीं इससे पहले, सीबीआई ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ से जुड़े एक बड़े साइबर ठगी मामले में कार्रवाई तेज करते हुए 25 अप्रैल को पांच आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, जिनमें एक निजी कंपनी भी शामिल है। इस मामले में नामजद तीन आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
यह मामला सीबीआई ने 24 नवंबर 2025 को केरल उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद दर्ज किया था। जांच के मुताबिक, साइबर अपराधियों ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों और न्यायिक अधिकारियों का रूप धरकर एक वरिष्ठ नागरिक को निशाना बनाया और फर्जी नोटिसों के जरिए उसे डरा-धमकाकर 1.8 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी को अंजाम दिया।
--आईएएनएस
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