×

सीबीआई ने रिलायंस कम्युनिकेशंस मामले में दो वरिष्ठ अधिकारियों को किया गिरफ्तार

 

नई दिल्ली, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अनिल डी. अंबानी के नियंत्रण वाली कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड से जुड़े दो वरिष्ठ अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए अधिकारियों के नाम डी. विश्वनाथ और अनिल कालिया बताए गए हैं। यह कार्रवाई बैंक धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले की जांच के दौरान की गई है।

सीबीआई के अनुसार, यह मामला भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड और उससे जुड़े अन्य लोगों को बैंक द्वारा बड़ी मात्रा में ऋण सुविधाएं दी गई थीं, लेकिन इनका दुरुपयोग किया गया। आरोप है कि इस कथित धोखाधड़ी के कारण बैंक को लगभग 2929.05 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। इसके अलावा, 17 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थानों को मिलाकर कुल करीब 19,694.33 करोड़ रुपए का नुकसान होने की बात भी सामने आई है।

जांच एजेंसी का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह पाया गया है कि कंपनी के भीतर कुछ अधिकारियों ने मिलकर वित्तीय लेनदेन में गड़बड़ी की। आरोप है कि कई ‘शेल कंपनियों’ यानी कागजों पर मौजूद कंपनियों के माध्यम से पैसों का लेनदेन घुमाया गया। इसके अलावा समूह की ही अन्य इकाइयों के साथ फर्जी सेवा संबंधी लेनदेन किए जाने की बात भी सामने आई है। इन लेनदेन के लिए ‘डिस्काउंटेड लेटर ऑफ क्रेडिट’ (एलसी) का उपयोग किया गया, जो बाद में बैंक द्वारा भुगतान के लिए डिवॉल्व हो गए, जिससे बैंकों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ा।

सीबीआई के अनुसार, डी. विश्वनाथ कंपनी के बैंकिंग और वित्तीय कार्यों के समग्र प्रबंधन के लिए जिम्मेदार थे। उन पर आरोप है कि वे ऋण सुविधाओं को स्वीकृत कराने और उनके उपयोग से जुड़े मामलों में बैंकों के साथ समन्वय करते थे। वहीं अनिल कालिया पर आरोप है कि उन्होंने इस प्रक्रिया में डी. विश्वनाथ का सहयोग किया और कंपनी के वित्तीय संचालन, भुगतान तथा धन के उपयोग से जुड़े मामलों में भूमिका निभाई।

दोनों आरोपियों को संबंधित अदालत में पेश किया जाएगा। मामले की जांच अभी जारी है और एजेंसी अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है। सीबीआई का यह भी कहना है कि पिछले कुछ महीनों में बैंक और एलआईसी की शिकायतों के आधार पर अनिल अंबानी समूह से जुड़े मामलों में कई एफआईआर दर्ज की गई हैं, जो कथित तौर पर बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित हैं।

--आईएएनएस

एमएस/