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सीबीआई ने घर खरीदारों से धोखाधड़ी मामले में बिल्डर और निदेशकों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की

 

नई दिल्ली, 29 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने घर खरीदारों के साथ कथित धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में ग्रेटर नोएडा की एक बिल्डर कंपनी और उसके निदेशकों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।

यह चार्जशीट एम/एस शुभकामना बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड और उसके संबंधित निदेशकों के खिलाफ दाखिल की गई है। एजेंसी के अनुसार, यह मामला एक हाउसिंग प्रोजेक्ट से जुड़ा हुआ है, जिसमें कई निवेशकों और घर खरीदारों को कथित तौर पर गुमराह किया गया।

सीबीआई की जांच में सामने आया है कि आरोपी कंपनी और उसके निदेशकों ने एक सुनियोजित आपराधिक साजिश के तहत लोगों को आकर्षित किया। इसके लिए कथित रूप से झूठे वादे, गलत जानकारी और आकर्षक ऑफर दिए गए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को फ्लैट खरीदने या निवेश करने के लिए प्रेरित किया जा सके। बाद में इन लोगों से लिए गए पैसे का दुरुपयोग किया गया, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ।

एजेंसी ने बताया कि जांच के दौरान इस मामले में पर्याप्त सबूत एकत्र किए गए हैं, जिसके आधार पर सक्षम अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई है। यह चार्जशीट भारतीय दंड संहिता की उन धाराओं के तहत दायर की गई है, जो आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और विश्वासघात से संबंधित हैं।

सीबीआई ने यह भी बताया कि वह सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत देशभर में दर्ज कुल 50 मामलों की जांच कर रही है। ये मामले विभिन्न बिल्डर कंपनियों और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों से जुड़े हैं, जिन पर घर खरीदारों के साथ धोखाधड़ी और धन के दुरुपयोग के आरोप हैं।

इससे पहले भी सीबीआई कई अन्य बिल्डर कंपनियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इनमें एम/एस रुद्र बिल्डवेल कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड, एम/एस ड्रीम प्रोकॉन प्राइवेट लिमिटेड, एम/एस जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड, एम/एस एवीजे डेवलपर्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड, एम/एस सीएचडी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, एम/एस सीक्वल बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड, एम/एस लॉजिक्स सिटी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड और एम/एस मंजू जे होम्स इंडिया लिमिटेड जैसी कंपनियां शामिल हैं। इसके अलावा कुछ बैंकों और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।

सीबीआई ने दोहराया है कि वह आर्थिक अपराधों और आम नागरिकों के साथ होने वाली धोखाधड़ी के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रखेगी। एजेंसी का कहना है कि घर खरीदारों के हितों की रक्षा और वित्तीय गड़बड़ियों पर रोक लगाना उसकी प्राथमिकता है।

--आईएएनएस

एसएचके/डीकेपी