सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, रिश्वत के मामले में डब्ल्यूसीएल अधिकारी गिरफ्तार
मुंबई, 30 सितंबर (आईएएनएस)। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) के उमरेड एरिया में सीनियर ओवरसियर (सिविल) को रिश्वत के एक मामले में गिरफ्तार किया है।
दरअसल, सीबीआई ने बुधवार को आरोपी के खिलाफ यह मामला दर्ज किया। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि डब्ल्यूसीएल के उमरेड एरिया के गोकुल मुरपार सब-एरिया में सीनियर ओवरसियर (सिविल) ने शिकायतकर्ता के चल रहे काम के तीसरे बिल का पेमेंट जारी करने के बदले 50,000 रुपए रिश्वत की मांग की थी।
शिकायतकर्ता को डब्ल्यूसीएल से पिरवा गांव की पुनर्वास साइट पर पीने के पानी की सप्लाई के लिए दो बोरवेल बनाने और सबमर्सिबल पंप लगाने के साथ ही इंटरनल मेन लाइन और डिस्ट्रीब्यूशन पाइपलाइन बिछाने का कॉन्ट्रैक्ट मिला था।
इसी के आधार पर सीबीआई ने बुधवार को एक जाल बिछाया और आरोपी सीनियर ओवरसियर (सिविल) को 40,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, सीबीआई की ओर से इस मामले से संबंधित आगे की जांच जारी है।
इसी प्रकार की एक अन्य रिश्वत के मामले में सीबीआई कोर्ट ने इनकम टैक्स ऑफिसर को 5 वर्ष की सख्त सजा और 1.5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।
औरंगाबाद (छत्रपति संभाजीनगर) की सीबीआई कोर्ट ने रिश्वत के मामले में सतीश कुमार भदानी को दोषी ठहराया और सजा सुनाई। भदानी उस समय जलगांव (महाराष्ट्र) के इनकम टैक्स ऑफिस में इनकम टैक्स ऑफिसर (आईटीओ) थे। उन्हें 5 वर्ष की सख्त सजा और 1.5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया।
सीबीआई ने इनकम टैक्स ऑफिसर के खिलाफ यह कार्रवाई जलगांव जिले के एक टैक्सपेयर की लिखित शिकायत के आधार पर की, जिसके आधार पर आरोपी के खिलाफ 23 सितंबर 2016 को यह मामला दर्ज किया था। इसके बाद सीबीआई ने एक जाल बिछाया और आरोपी इनकम टैक्स ऑफिसर को शिकायतकर्ता से 40,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा।
--आईएएनएस
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