सीबीआई कोर्ट ने बैंक धोखाधड़ी के मामलों में चार आरोपियों को दो साल की जेल की सजा सुनाई
शिमला, 14 जुलाई (आईएएनएस)। शिमला की सीबीआई अदालत ने मंगलवार को बैंक धोखाधड़ी के तीन मामलों में चार आरोपी बचित्तर सिंह, रोशन लाल, हरकिरत सिंह और शम्मी को दो साल की जेल और कुल 80,000 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 22 फरवरी 2013 को राज कुमार कैंथ (तत्कालीन शाखा प्रबंधक, एसबीआई, डेहरा), कुलदीप सिंह भटोआ (तत्कालीन फील्ड ऑफिसर, एसआईबी, डेहरा), एसएम पॉल (तत्कालीन शाखा प्रबंधक, एसबीआई, डेहरा), मोहिंदर (तत्कालीन प्रबंधक पीबीडी, एसबीआई, डेहरा), सुरेश कुमार (निजी व्यक्ति) और एसबीआई के अन्य अज्ञात अधिकारियों व निजी व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
आरोप था कि इन लोगों ने आपराधिक साजिश रची और नकली-जाली दस्तावेजों के आधार पर एसबीआई, डेहरा (जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश) से केसीसी लोन लिए, लेकिन उन लोन को नहीं चुकाया और इस तरह बैंक के साथ धोखाधड़ी की।
जांच के बाद सीबीआई ने बैंक अधिकारियों और निजी उधारकर्ताओं/व्यक्तियों के खिलाफ शिमला में सीबीआई के विशेष न्यायाधीश की अदालत में अलग-अलग 20 चार्जशीट दाखिल कीं, जबकि केवल निजी व्यक्तियों के खिलाफ शिमला में विशेष मजिस्ट्रेट-सह-सीजेएम की अदालत में 19 अन्य अलग-अलग चार्जशीट दाखिल की गईं।
सुनवाई के बाद अदालत ने 6 जुलाई को चार आरोपी बचित्तर सिंह, रोशन लाल, हरकिरत सिंह और शम्मी को दोषी ठहराया और 14 जुलाई को उन्हें सजा सुनाई।
--आईएएनएस
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