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कैप्टन विक्रम बत्रा के बलिदान दिवस पर अमित शाह, नितिन गडकरी और शिवराज सिंह चौहान ने दी श्रद्धांजलि

 

नई दिल्ली, 7 जुलाई (आईएएनएस)। कारगिल युद्ध के अमर नायक और परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा के बलिदान दिवस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उनके अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 'एक्स' पोस्ट में लिखा कि कारगिल युद्ध के दौरान अपनी वीरता और पराक्रम से रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण और दुर्गम चोटी पर विजय प्राप्त कर दुश्मनों को खदेड़ने वाले कैप्टन विक्रम बत्रा के बलिदान दिवस पर उन्हें नमन करता हूं।

उन्होंने आगे लिखा कि परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा के अदम्य साहस, अटूट संकल्प और अप्रतिम शौर्य ने उन्हें 'शेरशाह' के रूप में अमर बना दिया। मातृभूमि के प्रति उनका सर्वोच्च बलिदान प्रत्येक देशवासी को राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा देता रहेगा।

वहीं, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अपने 'एक्स' पोस्ट में लिखा, "कारगिल युद्ध के वीर योद्धा, परमवीर चक्र से सम्मानित कैप्टन विक्रम बत्रा की पुण्यतिथि पर उन्हें सादर नमन।"

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी कैप्टन विक्रम बत्रा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लिखा कि मां भारती के ओजस्वी सपूत, कारगिल युद्ध के नायक, अदम्य साहस एवं अप्रतिम वीरता के पर्याय, परमवीर चक्र से सम्मानित, अमर बलिदानी कैप्टन विक्रम बत्रा जी के बलिदान दिवस पर उनके चरणों में विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। आपकी शौर्य गाथा युगों-युगों तक देश की भावी पीढ़ियों को मातृभूमि की सेवा एवं रक्षा के लिए मर-मिटने की प्रेरणा देती रहेंगी।"

बता दें कि कैप्टन विक्रम बत्रा का जन्म 9 सितंबर 1974 को हुआ था। वह भारतीय सेना के एक जांबाज अधिकारी थे, जिन्होंने 1999 के कारगिल युद्ध में अद्भुत वीरता का परिचय दिया। युद्ध के दौरान उनके अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान के लिए उन्हें मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च सैन्य सम्मान परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। युद्धभूमि में उनके असाधारण पराक्रम के कारण उन्हें 'शेरशाह' के कोड नेम से भी जाना जाता है। 7 जुलाई 1999 को मातृभूमि की रक्षा करते हुए उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया।

--आईएएनएस

वीकेयू/एएस