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बहाने से होटल बुलाया, फिर कुर्सी से बांधा, बैग में था ऐसा सामान की मच गया शोर

 

चेन्नई से एक ऐसी चौंकाने वाली वारदात सामने आई है जो पूरी की पूरी एक क्राइम-थ्रिलर फिल्म की स्क्रिप्ट लगती है। चार युवकों ने पहले प्लान बनाया, फिर किरदार चुने, होटल बुक किया, और हीरे लूटने की वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। लेकिन कानून का पीछा फिल्म से भी तेज निकला—और पुलिस ने कुछ ही घंटों में उन्हें घेर लिया।

शिकार बना 20 करोड़ के हीरे का कारोबारी

यह घटना चेन्नई के एक होटल में घटी, जहां डायमंड व्यापारी एस. चंद्रशेखर को लगा कि उन्हें करोड़ों का सौदा मिलने वाला है। चार लोग—जॉन लॉयड, विजय, रतीश और अरुण पांडियाराजन—ने उनसे संपर्क किया और खुद को हीरा खरीदार बताया। पहली बातचीत व्यापारी के घर पर हुई, और फिर तय हुआ कि 4 मई को होटल में सौदा फाइनल होगा।

पर होटल में पहुंचते ही कहानी ने खतरनाक मोड़ ले लिया। जैसे ही व्यापारी कमरे में घुसा, चारों ने अचानक हमला कर दिया। उन्हें कुर्सी से बांध दिया गया और हीरों से भरा बैग लेकर फरार हो गए

होटल में मचा हड़कंप, व्यापारी की चीख से खुला राज

चंद्रशेखर ने बंधे होने के बावजूद जोर से चीखना शुरू किया। होटल स्टाफ ने शोर सुनकर दरवाजा खोला और व्यापारी को आज़ाद किया। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई और मामला वडापलानी थाने में दर्ज हुआ।

फिल्मी स्टाइल में शुरू हुई पुलिस की रेस

चेन्नई पुलिस ने एक्शन में आते ही चार स्पेशल टीमें बनाई। CCTV फुटेज खंगाले गए, और कुछ ही घंटों में उस गाड़ी का सुराग मिला जिससे चारों आरोपी फरार हुए थे। इसके बाद शुरू हुआ एक फिल्मी पीछा—चेन्नई से तूतीकोरिन तक।

जैसे किसी मूवी का क्लाइमेक्स हो, पुलिस ने पुदुर पांडियापुरम के पास एक चेकपोस्ट पर गाड़ी को रोक लिया। गाड़ी की तलाशी में वही बैग मिला जिसमें छिपे थे बेशकीमती हीरे—जिनकी कीमत करीब ₹20 करोड़ थी।

चारों गिरफ्तार, कानूनी शिकंजा कसने को तैयार

24 से 34 वर्ष की उम्र के चारों आरोपी चेन्नई के निवासी निकले। उन्हें हिरासत में लेकर चेन्नई लाया गया, जहां अदालत में पेशी के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सवाल जो रह गए पीछे:

  • क्या हीरा व्यापारी से जुड़ी कोई अंदरूनी जानकारी इन लुटेरों के पास थी?

  • इतनी बड़ी योजना को अंजाम देने के लिए क्या कोई और भी शामिल था?

  • और आखिर क्यों बार-बार अपराधी फिल्मी स्टाइल में वारदात को अंजाम देना चाहते हैं?

इस वारदात ने एक बार फिर दिखा दिया कि अपराधी चाहे कितनी भी चालाकी से प्लान बनाएं, कानून की नजर और पुलिस की मुस्तैदी उन्हें ज़्यादा दूर नहीं जाने देती।