बुर्का पहनकर कांवड़ यात्रा पर नोटिस, अमन त्यागी बोले- 'संविधान में वस्त्र चुनने का अधिकार'
संभल, 4 अगस्त (आईएएनएस)। यूपी के संभल में कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन द्वारा जारी नोटिस के बाद विवाद गहरा गया है। तमन्ना मलिक के पति अमन त्यागी ने प्रशासन के नोटिस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संविधान किसी भी महिला को अपनी पसंद के वस्त्र पहनने का अधिकार देता है और किसी को भी उसके पहनावे के आधार पर रोकना संविधान की भावना के खिलाफ है।
वहीं, एसडीएम विकास चंद्र ने स्पष्ट किया कि नोटिस किसी व्यक्ति के अधिकारों का हनन करने के लिए नहीं, बल्कि संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए एहतियाती कदम के रूप में जारी किया गया था।
अमन त्यागी ने आईएएनएस को बताया कि प्रशासन की ओर से उन्हें एक नोटिस जारी किया गया, जिसमें कहा गया कि यदि वे हरिद्वार कांवड़ यात्रा पर जाते हैं तो उनकी पत्नी तमन्ना मलिक बुर्का पहनकर यात्रा नहीं कर सकतीं। इसी नोटिस का जवाब देने के लिए अमन एसडीएम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने सरकार और प्रशासन से आग्रह किया कि देश संविधान के अनुसार चलता है और संविधान में कहीं भी नहीं लिखा है कि किसी महिला को उसकी पसंद के वस्त्र पहनने से रोका जा सकता है। हर महिला को अपनी इच्छा के अनुसार वस्त्र पहनने का अधिकार है और तमन्ना मलिक भी अपनी इच्छा से जो पहनना चाहें, पहन सकती हैं।
अमन त्यागी ने कहा कि पिछली बार भी तमन्ना मलिक कांवड़ यात्रा पर गई थीं और उस दौरान लाखों हिंदुओं ने उनका स्वागत किया था। उनका दावा है कि आज भी बड़ी संख्या में लोग चाहते हैं कि तमन्ना कांवड़ लेकर आएं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर प्रशासन ने उन्हें इस बार नोटिस क्यों जारी किया? प्रशासन का तर्क है कि इससे किसी की भावनाएं आहत हो सकती हैं, लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि देशभर में कई ऐसे मामले होते हैं, जहां हिंदुओं की भावनाएं आहत होती हैं, फिर भी संबंधित लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती। लोकसभा सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव का भी उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वे हिंदुओं के वोटों से सांसद बने हैं और संसद भवन के बाहर भगवा वस्त्र पहनकर उसका अपमान करते हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती। उनका कहना था कि वे केवल हरिद्वार से भगवान शिव के लिए कांवड़ लाना चाहते हैं और उनकी पत्नी किस वेशभूषा में यात्रा करेंगी, यह उनका व्यक्तिगत अधिकार है।
अमन त्यागी ने यह भी कहा कि वे तय कार्यक्रम के अनुसार हरिद्वार जाएंगे और कांवड़ लेकर लौटेंगे। गाजियाबाद की अनीता भानु भी बुर्का पहनकर कांवड़ यात्रा कर रही हैं और वे उनके समर्थन में भी जा रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे यह नहीं कह रहे कि तमन्ना मलिक अनिवार्य रूप से बुर्का पहनकर ही यात्रा करेंगी, बल्कि उनका कहना केवल इतना है कि महिला को अपनी पसंद का वस्त्र पहनने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। वे संविधान के खिलाफ कोई कार्य नहीं करेंगे, लेकिन यदि संविधान किसी महिला को उसकी पसंद का वस्त्र पहनने की अनुमति देता है तो उस अधिकार पर रोक नहीं लगाई जानी चाहिए।
वहीं, एसडीएम विकास चंद्र ने पूरे मामले पर प्रशासन का पक्ष रखते हुए कहा कि थाना असमोली से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 126 और 135 के तहत रिपोर्ट प्राप्त हुई थी। रिपोर्ट में उल्लेख था कि पिछले वर्ष अमन त्यागी और तमन्ना मलिक द्वारा प्रस्तावित कांवड़ यात्रा के दौरान शांति व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हुई थी। दोनों अलग-अलग समुदायों से संबंधित हैं, इसलिए संभावित कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए न्यायालय की रिपोर्ट के आधार पर उनके खिलाफ बीएनएसएस की धारा 126, 130 और 131 के तहत नोटिस जारी किया गया।
एसडीएम ने बताया कि नोटिस का उद्देश्य केवल एहतियाती कार्रवाई करना था। इसके तहत दोनों को न्यायालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने और आवश्यक मुचलका दाखिल करने के लिए कहा गया था। अमन त्यागी न्यायालय में उपस्थित हुए और जवाब दाखिल कर दिया है। प्रशासन का उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी प्रकार की शांति व्यवस्था की समस्या उत्पन्न न हो और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनी रहे। यह पूरी कार्रवाई केवल एहतियाती कदम के तहत की गई है।
--आईएएनएस
पीएसके/एबीएम