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सुल्तानपुर में हैवानियत: 6 साल की मासूम बेटी को बेरहमी से पीटता रहा पिता, वीडियो वायरल होते ही गिरफ्तारी

 

सुल्तानपुर: उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक घटना सामने आई है। यहां एक 6 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ उसके ही पिता द्वारा कथित रूप से की गई बेरहमी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया।

वायरल वीडियो में आरोपी व्यक्ति अपनी छोटी बेटी के साथ बेहद कठोर व्यवहार करता दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि बच्ची किसी बात को लेकर रो रही थी, जिसके बाद पिता ने अपना आपा खो दिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। वीडियो में बच्ची डर और दर्द से चीखती नजर आ रही है, जबकि आसपास मौजूद कुछ लोग उसे बचाने की कोशिश करते दिखाई देते हैं।

#UttarPradesh #Sultanpur Horror: A heartless father tried to drown his young daughter in a drain. The girl cried desperately, but the monster didn't stop. He had previously tried to kill his own mother & is being called a psycho.
1/2 pic.twitter.com/yMQF6OpmXL

— Siraj Noorani (@khojepatrakaar) June 1, 2026


स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना जिले के एक ग्रामीण क्षेत्र की है। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने लगा और कुछ ही घंटों में हजारों लोगों तक पहुंच गया। मामला पुलिस के संज्ञान में आने के बाद अधिकारियों ने तत्काल जांच शुरू की। वीडियो की पुष्टि होने पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया और उसे हिरासत में ले लिया गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की पहचान बच्ची के पिता के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि घरेलू विवाद और पारिवारिक तनाव के कारण उसने यह अमानवीय कदम उठाया। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बच्ची के साथ पहले भी किसी प्रकार का दुर्व्यवहार हुआ था या नहीं।

घटना के बाद बच्ची को आवश्यक सहायता और सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि उसकी शारीरिक और मानसिक स्थिति का पूरा ध्यान रखा जाएगा। बाल कल्याण समिति और संबंधित विभागों को भी मामले की जानकारी दे दी गई है ताकि बच्ची को उचित संरक्षण मिल सके।

इस घटना ने एक बार फिर बच्चों के खिलाफ बढ़ती हिंसा और घरेलू उत्पीड़न के मामलों पर चिंता बढ़ा दी है। बाल अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा को सामान्य नहीं माना जा सकता। ऐसे मामलों में समाज, परिवार और प्रशासन को मिलकर संवेदनशीलता के साथ काम करने की आवश्यकता है।

सोशल मीडिया पर भी लोगों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। कई यूजर्स ने कहा कि माता-पिता बच्चों के संरक्षक होते हैं और यदि वही उनके साथ हिंसा करने लगें तो यह बेहद गंभीर सामाजिक समस्या का संकेत है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों के मानसिक विकास पर ऐसी घटनाओं का गहरा प्रभाव पड़ता है। लगातार हिंसा या डर के माहौल में रहने वाले बच्चों में आत्मविश्वास की कमी, मानसिक तनाव और व्यवहार संबंधी समस्याएं विकसित हो सकती हैं। इसलिए ऐसे मामलों में केवल कानूनी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि पीड़ित बच्चों को मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराना भी जरूरी है।

पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच जारी है और सभी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में अतिरिक्त तथ्य सामने आते हैं तो आरोपी पर और भी गंभीर धाराएं लगाई जा सकती हैं।