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ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए भारत पहुंचे दक्षिण अफ्रीका के मंत्री रोनाल्ड लामोला

 

नई द‍िल्‍ली, 12 मई (आईएएनएस)। भारत इस साल 18वें 'ब्रिक्स शिखर सम्मेलन-2026' की मेजबानी कर रहा है, जिसका आयोजन 14 और 15 मई को किया जाएगा। शिखर सम्मेलन से पहले ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए नई दिल्ली पहुंचे दक्षिण अफ्रीका के अंतर्राष्ट्रीय संबंध और सहयोग मंत्री रोनाल्ड ओजी लामोला का विदेश मंत्रालय की ओर से गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर पोस्ट कर लिखा, "ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए नई दिल्ली आगमन पर, दक्षिण अफ्रीका के अंतर्राष्ट्रीय संबंध और सहयोग मंत्री रोनाल्ड ओजी लामोला का हार्दिक स्वागत है।"

इससे पहले 17वें ब्रिक्स समिट का आयोजन ब्राजील ने रियो डी जेनेरियो में किया था। विदेश मंत्रालय ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के शेड्यूल से संबंधित जानकारी साझा की है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, 14 मई की सुबह 10 बजे विदेश मंत्रियों का आगमन भारत मंडपम में होगा। इसके बाद 10.30 बजे पहले सेशन की शुरुआत होगी। फिर दिन के 1 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ 'सेवा तीर्थ' में सभी मंत्रियों की संयुक्त मुलाकात होगी।

इसके बाद 3.10 बजे दूसरे सेशन की शुरुआत होगी। फिर शाम 7 बजे विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर की तरफ से भारत मंडपम में ही डिनर का आयोजन किया जाएगा। समिट के अगले दिन, 15 मई को, सुबह 10 बजे तीसरे सेशन की शुरुआत होगी।

इससे पहले 13वां ब्रिक्स समिट 9 सितंबर 2021 को भारत में हुआ था। इसका थीम 'ब्रिक्स 15: कंटिन्यूटी, कंसोलिडेशन और कंसेंसस के लिए इंट्रा-ब्रिक्स सहयोग' था। नेताओं ने नई दिल्ली डिक्लेरेशन को अपनाया, जिसने ब्रिक्स की 15वीं सालगिरह को मार्क किया और मल्टीलेटरल सिस्टम में सुधार, काउंटर-टेररिज्म को-ऑपरेशन, एसडीजी को पाने के लिए डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल करने और लोगों के बीच लेन-देन को बढ़ाने पर जोर दिया।

भारत ने ब्रिक्स के काम करने के तरीकों को आसान बनाया, बातचीत को आसान और ज्यादा एक्सेसिबल बनाया और डिजिटल स्वास्थ्य शिखर सम्मेलन और पहली जल मंत्रियों की बैठक जैसे नए मंत्री स्तर के ट्रैक शुरू किए।

बैठक में ब्राजील, रूस, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया और इंडोनेशिया के विदेश मंत्रियों के शामिल होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात की ओर से उप-विदेश मंत्री स्तर के प्रतिनिधित्व होने की उम्मीद है, जबकि चीन के शेरपा के प्रतिनिधिमंडल के शामिल होने की उम्मीद है।

वहीं, ईरान इस्लामिक रिपब्लिक की सरकार के ऑफिशियल 'एक्स' अकाउंट से साझा की गई जानकारी के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची भारत का दौरा करेंगे। अराघची 'ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक' में शामिल होने के लिए नई दिल्ली की यात्रा करेंगे।

ईरान को उम्मीद है कि इस यात्रा के दौरान वे भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अन्य समकक्षों से मिलकर क्षेत्रीय स्थिरता, बहुपक्षीय सहयोग और आर्थिक लचीलेपन पर चर्चा करेंगे।

--आईएएनएस

एवाई/डीकेपी