ब्रिक्स संसदीय फोरम सफल आयोजन, शशि थरूर ने भारत की भूमिका को सराहा
नई दिल्ली, 27 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स के 12वें संसदीय फोरम और रामलीला मैदान में कांग्रेस की प्रस्तावित रैली को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने ब्रिक्स संसदीय शिखर सम्मेलन को सफल बताते हुए अंतरराष्ट्रीय सहयोग में भारत की भूमिका की सराहना की।
वहीं, भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने भी सम्मेलन को भारत के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया। दूसरी ओर, कांग्रेस की प्रस्तावित रैली और उसके व्यापारियों पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को लेकर भाजपा नेताओं ने सवाल उठाए, जबकि थरूर ने कहा कि कांग्रेस छोटे व्यापारियों के खिलाफ नहीं है और विपक्ष के रूप में जनता की आवाज उठाना उसका कर्तव्य है।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने ब्रिक्स संसदीय शिखर सम्मेलन को बेहद सफल कार्यक्रम बताया। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में विभिन्न देशों के प्रतिनिधि एक साथ आए और संयुक्त घोषणा पत्र को लेकर चर्चा हुई। घोषणा पत्र की भाषा पर सहमति बनाने के लिए बातचीत हुई। एक देश विशेष रूप से कुछ अधिक चाहता था, जिसे अन्य देशों ने स्वीकार नहीं किया। हालांकि, अंत में सभी मुद्दों पर सहमति बन गई और भारत ने शांतिपूर्ण तरीके से अध्यक्षता चीन को सौंप दी। उन्होंने उम्मीद जताई कि ब्रिक्स और संसदीय कूटनीति के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय सहयोग में भारत की भूमिका आगे भी निरंतर बनी रहेगी।
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने भी सम्मेलन को सफल आयोजन बताया। उन्होंने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के नेतृत्व में संसदीय फोरम का आयोजन दो दिनों तक हुआ। प्रधानमंत्री का ब्रिक्स के माध्यम से दिया गया संदेश आज दुनिया भर में अपनी पहचान बना रहा है। इस आयोजन से भारत के अस्तित्व और महत्व को समझने का अवसर मिला। सम्मेलन में देशभर की विभिन्न विधानसभाओं के अध्यक्षों को आमंत्रित किया गया था और वे भी इसमें शामिल हुए।
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि ब्रिक्स संसदीय फोरम भारत के लिए अच्छा अवसर है। इसमें सदस्य देशों की संसदों में होने वाली चर्चाओं और सफल कार्यों को साझा करने का मौका मिलता है। भारत ने भी इस दिशा में काफी काम किया है। सम्मेलन के माध्यम से दूसरे देशों को भारत की उपलब्धियों और अच्छी पहलों को समझने का अवसर मिलता है।
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने भी इसे सफल आयोजन बताते हुए कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार सफलता हासिल कर रहा है। उन्होंने कहा कि अब भारत वैश्विक नीतिगत फैसलों में केवल दूसरे देशों का अनुसरण करने के बजाय नेतृत्व करने की स्थिति की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने जी-20 के सफल आयोजन और संसदीय फोरम को इसका उदाहरण बताया।
कांग्रेस की प्रस्तावित रैली से व्यापारियों को होने वाली परेशानी के सवाल पर शशि थरूर ने कहा कि राहुल गांधी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि कांग्रेस देश के हित में काम कर रही है। कांग्रेस छोटे व्यापारियों और दुकानदारों का समर्थन करती है। पार्टी चाहती है कि व्यापारी स्वतंत्र रूप से काम करें और सफल हों। यदि सरकार नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस की मांगों को स्वीकार कर ले, तो विरोध प्रदर्शन रोकने का रास्ता निकल सकता है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी की जिंदगी में खलल नहीं डालना चाहती। पिछले बंद के दौरान भी बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे और उस समय दुकानों में अधिक खरीदारी हो सकती थी। कांग्रेस को रामलीला मैदान में कार्यक्रम करने के अलावा कोई विकल्प नहीं मिल रहा है, क्योंकि कहीं और अनुमति नहीं दी जा रही। उन्होंने विपक्ष की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता की आवाज उठाना उनका कर्तव्य है और व्यापारियों को यह समझना चाहिए कि कांग्रेस उनके खिलाफ नहीं है।
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने विपक्ष की प्रस्तावित रैली पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस अराजकता फैलाना चाहती है। उन्होंने आकाशवाणी भवन परिसर में विपक्ष की गतिविधियों, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात और बाद में सुप्रीम कोर्ट जाने का जिक्र किया। मेघवाल ने कहा कि राष्ट्रपति ने सबूत मांगे थे, लेकिन विपक्ष उन्हें प्रस्तुत नहीं कर पाया। उन्होंने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई के दौरान याचिका के माध्यम से ही संपर्क करने की बात कही गई और अदालत को धमकाने का प्रयास नहीं करने की चेतावनी दी गई।
मेघवाल ने कहा कि दीपावली नजदीक होने के कारण व्यापारियों ने कारोबार प्रभावित होने की चिंता जताई है। उन्होंने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि उन्हें व्यापारियों और देश की उन्नति की चिंता नहीं है तथा वे देश को गलत दिशा में ले जाना चाहते हैं।
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने भी कांग्रेस और विपक्ष पर भ्रम फैलाने तथा भारत को बदनाम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कुछ नेता लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाते हैं। ठाकुर ने एक नवंबर की तारीख का उल्लेख करते हुए दिल्ली में हुए सिख विरोधी दंगों का संदर्भ दिया और सवाल किया कि क्या कांग्रेस या विपक्ष के नेता उस तारीख के जरिए कोई संकेत देना चाहते हैं। उन्होंने विदेशों में हुई आगजनी, हिंसा और लूटपाट जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि ऐसे किसी मंसूबे के साथ आगे बढ़ने की कोशिश हुई, तो भारत में इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस जरूरी कदम उठा रही है।
--आईएएनएस
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