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Breaking News : गुजरात में नकली दवा और मिलावटी खाने पर बड़ा एक्शन, 50 कंपनियों के लाइसेंस रद्द

 

गुजरात में नकली दवाओं और मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ हुई बड़ी कार्रवाई ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि बाजार से खरीदी जा रही दवाएं और खाने-पीने की चीजें कितनी सुरक्षित हैं। नकली या घटिया गुणवत्ता वाली दवाएं बीमारी के इलाज को प्रभावित कर सकती हैं, वहीं मिलावटी खाद्य पदार्थ लंबे समय में स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकते हैं।

गुजरात के खाद्य एवं औषधि नियंत्रण प्रशासन (FDCA) ने अगस्त 2026 में बड़े स्तर पर कार्रवाई की। इस दौरान कई दवा कंपनियों के लाइसेंस पर कार्रवाई की गई और कुछ दवा निर्माण इकाइयों को बंद करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा करीब 93.47 लाख रुपये मूल्य के 42,988 किलो से ज्यादा संदिग्ध और मिलावटी खाद्य पदार्थ जब्त किए गए।

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया ने कहा कि लोगों की सेहत और सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।

नकली दवाएं क्यों हैं खतरनाक?

नकली या घटिया गुणवत्ता वाली दवा में जरूरी सक्रिय घटक सही मात्रा में न होने पर उसका असर कम हो सकता है या बिल्कुल नहीं हो सकता। ऐसे में मरीज को इलाज के बावजूद अपेक्षित फायदा नहीं मिलता और बीमारी नियंत्रित न होने का खतरा बढ़ सकता है।

FDCA की जांच के दौरान कई दवाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठे। 8 दवा कंपनियों के लाइसेंस सस्पेंड किए गए, जबकि 11 दवाओं के निर्माण पर रोक लगाई गई। लैब जांच में 20 दवाएं घटिया गुणवत्ता की पाई गईं, जिसके बाद संबंधित कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।

नकली Nicardia Retard 10 का नेटवर्क पकड़ा गया

कार्रवाई के दौरान ब्लड प्रेशर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली Nicardia Retard 10 की नकली दवा का नेटवर्क भी सामने आया। जांच में इसके तार लखनऊ से अहमदाबाद और साणंद तक जुड़े पाए गए। कई जगहों पर छापेमारी कर नकली दवाएं जब्त की गईं।

विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी मरीज को डॉक्टर की सलाह के अनुसार सही दवा के बजाय नकली या गलत दवा मिल जाए तो उसका इलाज प्रभावित हो सकता है। खासतौर पर ब्लड प्रेशर और दूसरी गंभीर बीमारियों में दवा की गुणवत्ता बेहद महत्वपूर्ण होती है।

नशीली दवाओं पर भी कार्रवाई

अभियान के दौरान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की मदद से अहमदाबाद, गांधीनगर और मेहसाणा में नशीली दवाओं से जुड़े मामलों पर भी कार्रवाई की गई। वडोदरा के वाघोडिया इलाके में ट्रामाडोल जैसे इंजेक्शनों का बड़ा जखीरा मिलने की बात सामने आई।

ट्रामाडोल एक दर्द निवारक दवा है, लेकिन इसका गलत इस्तेमाल नशे के लिए किया जा सकता है। ऐसी दवाओं की बिक्री और इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह और लागू नियमों के मुताबिक ही किया जाना चाहिए।

ब्लड स्टोरेज सेंटरों की जांच में भी मिली खामियां

राज्य में 42 ब्लड स्टोरेज सेंटरों की जांच की गई। इनमें से तीन को बंद करने के निर्देश दिए गए, जबकि 12 सेंटरों को नोटिस जारी किया गया।

ब्लड स्टोरेज में तापमान, स्वच्छता और दूसरे सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन करना बेहद जरूरी है। इन नियमों में लापरवाही मरीजों के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकती है।

मिलावटी खाना भी सेहत के लिए बड़ा खतरा

दवाओं के साथ-साथ खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर भी अभियान चलाया गया। विभाग ने 2,238 खाद्य कारोबारियों की जांच की और 2,591 सैंपल लैब जांच के लिए भेजे। इसके अलावा 1,625 से ज्यादा होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों का निरीक्षण किया गया। इनमें से 306 कारोबारियों को सुधार संबंधी नोटिस और 38 के खिलाफ कार्रवाई की गई।

दूध, घी, तेल और मसालों जैसी रोजाना इस्तेमाल होने वाली चीजों में मिलावट स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकती है। मिलावटी या दूषित खाद्य पदार्थों से पेट और पाचन संबंधी समस्याओं के अलावा लंबे समय में स्वास्थ्य पर अन्य प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकते हैं।

नकली दवा और मिलावटी खाने से कैसे बचें?

सरकारी एजेंसियां कार्रवाई कर रही हैं, लेकिन खरीदारी करते समय उपभोक्ताओं को भी सावधानी बरतनी चाहिए।

  • दवाएं हमेशा विश्वसनीय और लाइसेंस प्राप्त मेडिकल स्टोर से खरीदें।
  • दवा खरीदते समय पक्का बिल जरूर लें।
  • पैकेट पर बैच नंबर, एक्सपायरी डेट, मैन्युफैक्चरिंग डिटेल और पैकेजिंग ध्यान से जांचें।
  • पैकिंग फटी हुई हो या प्रिंटिंग संदिग्ध लगे तो दवा न खरीदें।
  • डॉक्टर की सलाह के बिना दवा की डोज न बढ़ाएं और न ही दवा बदलें।
  • दवा लेने के बाद असामान्य लक्षण दिखाई दें या इलाज का अपेक्षित असर न हो तो डॉक्टर से संपर्क करें।
  • खुले में बिकने वाले और संदिग्ध गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों से बचें।
  • घी, तेल, मसाले और अन्य रोजमर्रा की चीजें भरोसेमंद विक्रेता या विश्वसनीय ब्रांड से ही खरीदें।

संदिग्ध दवा या खाद्य पदार्थ मिले तो क्या करें?

अगर आपको किसी दवा या खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता पर शक है, तो उसे इस्तेमाल करने के बजाय संबंधित खाद्य एवं औषधि नियंत्रण विभाग या स्थानीय नियामक प्राधिकरण को इसकी सूचना दें। शिकायत के साथ बिल, पैकेजिंग और बैच नंबर जैसी जानकारी सुरक्षित रखना भी उपयोगी हो सकता है।

नकली दवा की पहचान कैसे करें?
दवा का पक्का बिल लें और पैकेजिंग, बैच नंबर, एक्सपायरी डेट और अन्य विवरण ध्यान से जांचें। संदिग्ध पैकिंग वाली दवा न खरीदें।

नकली दवा लेने से क्या हो सकता है?
दवा का असर कम या खत्म हो सकता है और बीमारी का सही इलाज प्रभावित हो सकता है। कुछ मामलों में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं।

मिलावटी खाना क्यों नुकसानदायक है?
मिलावटी या दूषित खाद्य पदार्थ पाचन तंत्र को प्रभावित कर सकते हैं और लंबे समय में स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकते हैं।

संदिग्ध दवा या खाद्य पदार्थ की शिकायत कहां करें?
आप अपने राज्य के खाद्य एवं औषधि नियंत्रण विभाग या संबंधित नियामक प्राधिकरण से संपर्क कर सकते हैं।