BREAKING : 24 घंटे में इजाजत नहीं तो दोबारा आंदोलन: CJP की दिल्ली पुलिस को चेतावनी, हिरासत के वीडियो पर आमने-सामने पुलिस-दीपके
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दिल्ली पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तारीख तय नहीं की गई, तो संगठन दोबारा आंदोलन करेगा। सोमवार को CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास प्रदर्शन की अनुमति मांगने के लिए पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे और पुलिस को लिखित आवेदन दिया।इस बीच, CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस पर हिरासत से जुड़ा वीडियो एडिट करके जारी करने का आरोप लगाया। उन्होंने पुलिस को चुनौती देते हुए कहा कि अगर हिम्मत है, तो हिरासत का पूरा वीडियो सार्वजनिक किया जाए।
अभिजीत दीपके बोले- परिवार से बात करने तक की अनुमति नहीं मिली
अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान उन्हें अपने परिवार और वकीलों से संपर्क करने में परेशानी का सामना करना पड़ा। उनके मुताबिक, जब उन्हें अपनी दादी के निधन की खबर मिली, तो उन्होंने अपने चचेरे भाई से बात कराने की अपील की थी। उन्होंने कुछ मिनट के लिए फोन देने का अनुरोध भी किया, लेकिन इसकी अनुमति नहीं मिली।
दीपके ने दावा किया कि पुलिस ने पूरे दिन उनके माता-पिता और वकीलों को यह जानकारी नहीं दी कि उन्हें कहां रखा गया है। उन्होंने बताया कि रात करीब 3:30 बजे पुलिस ने उन्हें माता-पिता से फोन पर बात करने के लिए कहा।दीपके ने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम से उन्हें और उनके परिवार को मानसिक परेशानी हुई। हालांकि, ये आरोप CJP की ओर से लगाए गए हैं।
पुलिस ने जारी किया था हिरासत का वीडियो
दिल्ली पुलिस ने रविवार शाम अभिजीत दीपके की हिरासत से जुड़ा करीब 1 मिनट 45 सेकंड का वीडियो जारी किया था। वीडियो में एक महिला पुलिसकर्मी उन्हें उनकी दादी के निधन की जानकारी देती दिखाई देती है। खबर सुनने के बाद दीपके अपना सिर पकड़ लेते हैं।वीडियो के मुताबिक, पुलिसकर्मी उन्हें पानी देती है और अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए बस, ट्रेन या फ्लाइट की व्यवस्था करने का विकल्प भी देती है। बताया गया कि दीपके ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया।CJP नेता आशुतोष रांका ने दावा किया कि दीपके हिरासत के दौरान बार-बार अपने उस चचेरे भाई से बात कराने की मांग कर रहे थे, जो गांव में उनकी दादी के साथ रहता था।दीपके की मां अनीता ने भी कहा कि अगर उनके बेटे को समय रहते रिहा कर दिया जाता, तो वह अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल हो सकता था। उनके मुताबिक, अब दीपके अपनी दादी का अंतिम बार चेहरा भी नहीं देख सके।
आशुतोष रांका बोले- पुलिस को लिखित आवेदन दिया
CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने बताया कि संगठन ने पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में लिखित आवेदन देकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति मांगी है। उन्होंने कहा कि पुलिस चाहे तो प्रदर्शन के लिए तारीख तय कर सकती है।रांका के अनुसार, जब वे और सौरव दास थाने पहुंचे, तो DCP गलती से कमरे में आ गए थे। लेकिन उन्हें वहां बैठा देखकर बाहर चले गए, जिसके कारण मुलाकात नहीं हो सकी। उन्होंने यह भी दावा किया कि उस समय एडिशनल DCP और SHO भी मौजूद नहीं थे।रांका ने आरोप लगाया कि ऐसा प्रतीत हो रहा था, जैसे CJP के थाने पहुंचने के बाद परिसर को खाली करा दिया गया हो।
शनिवार को एयरपोर्ट पर हिरासत में लिए गए थे तीनों नेता
अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को शनिवार को दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया था। वे मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे।रविवार को कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने के बाद तीनों को रिहा कर दिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें एक साल तक शांति भंग नहीं करने की शर्त पर रिहाई मिली।
CEC के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन
CJP और विपक्षी दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इसी मुद्दे पर 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की योजना थी।हालांकि, पुलिस ने शनिवार और रविवार को प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोक दिया। पुलिस का कहना था कि प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई थी। इस दौरान CJP, विपक्षी दलों और छात्र संगठनों से जुड़े कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।अब CJP ने दिल्ली पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। संगठन का कहना है कि यदि प्रदर्शन की तारीख तय नहीं की गई, तो वह आगे आंदोलन करेगा। वहीं, अभिजीत दीपके के हिरासत संबंधी आरोपों और वीडियो को लेकर विवाद भी तेज हो गया है।