मानसून की रफ्तार पर ब्रेक: भद्राचलम में 8 जून से ठहरा, वीडियो में जाने देश में 37.8% कम बारिश से बढ़ी चिंता
देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की गति इस बार असामान्य रूप से धीमी बनी हुई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार मानसून 8 जून से तेलंगाना के भद्राचलम क्षेत्र में रुका हुआ है, जिससे कई राज्यों में बारिश की सामान्य समय-सारिणी प्रभावित हो गई है।मौसम पैटर्न के अनुसार, मानसून आमतौर पर मध्य और उत्तर भारत की ओर तेजी से आगे बढ़ता है। लेकिन इस वर्ष स्थिति अलग है। सामान्य वर्षों में यह उत्तर प्रदेश में 18 से 20 जून तक, मध्य प्रदेश में 15-16 जून तक और राजस्थान में लगभग 20 जून तक पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसके 22 जून के बाद सक्रिय होने की संभावना जताई जा रही है।
Bhadradri Kothagudem (Bhadrachalam) में 8 जून से मानसून का ठहराव बना हुआ है, जिसके कारण आगे के राज्यों में इसकी प्रगति रुक गई है। हालांकि 4 जून को केरल में दस्तक देने के बाद मानसून ने शुरुआती दिनों में तेजी दिखाई थी और मात्र 13 दिनों में लगभग 19 राज्यों तक पहुंच गया था।इसके बावजूद, पिछले कई दिनों से इसकी गति थमी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह लगातार तीसरा वर्ष है जब जून महीने में मानसून की शुरुआत के बाद लंबा “ब्रेक” देखने को मिल रहा है। हालांकि 2024 और 2025 में शुरुआती ठहराव के बावजूद पूरे सीजन में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई थी।
इस साल की स्थिति थोड़ी अलग नजर आ रही है। 17 जून तक देश में सामान्य से 37.8% कम बारिश दर्ज की गई है, जो कृषि और जल संसाधनों के लिए चिंता का विषय बन सकती है।मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले 4 से 5 दिनों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो सकता है और अपनी आगे की यात्रा शुरू कर सकता है। यदि ऐसा होता है तो यह लगभग 13 से 15 दिनों के ठहराव के बाद इसकी पुनः गति मानी जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून का यह ठहराव वायुमंडलीय दबाव, समुद्री परिस्थितियों और स्थानीय मौसम प्रणालियों के असंतुलन का परिणाम हो सकता है। इसके प्रभाव से खरीफ फसलों की बुवाई पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल किसानों और आम लोगों की नजर मौसम विभाग के अगले अपडेट पर टिकी हुई है, क्योंकि मानसून की रफ्तार ही इस पूरे सीजन की दिशा तय करेगी।