बीआर पाटिल ने राहुल गांधी से कर्नाटक में कृषि भूमि के ट्रांसफर का मुद्दा उठाने की मांग की
बेंगलुरु, 30 सितंबर (आईएएनएस)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बीआर पाटिल ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी को पत्र लिखकर कर्नाटक में कृषि भूमि के ट्रांसफर का मुद्दा उठाने और 'कर्नाटक भूमि सुधार अधिनियम' में किए गए संशोधनों की व्यापक समीक्षा की मांग की है।
अपने पत्र में पाटिल ने 2023 के विधानसभा चुनावों से पहले आलंद विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची से 5,994 मतदाताओं के नाम गैर-कानूनी तरीके से हटाने की कथित कोशिश का भी जिक्र किया है। उन्होंने कहा कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी है और मांग की कि मामले को तार्किक अंजाम तक पहुंचाया जाए और कानून के मुताबिक जिम्मेदारी तय की जाए।
पाटिल ने पत्र में आगे लिखा, "मेरा सार्वजनिक जीवन महात्मा गांधी, डॉ. राम मनोहर लोहिया और जयप्रकाश नारायण के आदर्शों के साथ-साथ धर्मनिरपेक्षता, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय के प्रति नेहरूवादी प्रतिबद्धता से आकार लेने वाला रहा है। इन विचारों ने सार्वजनिक जीवन में मेरे पूरे सफर में मेरा मार्गदर्शन किया है और मेरा मानना है कि राजनीति में हम लोगों का यह कर्तव्य है कि हम उन मुद्दों पर बात करें जिनका लोकतांत्रिक संस्थाओं और आम नागरिकों के जीवन पर असर पड़ता है।"
पाटिल ने कहा कि कांग्रेस ने अपने 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव घोषणापत्र में पिछली भाजपा सरकार द्वारा बनाए गए "किसान-विरोधी कानूनों" को रद्द करने का वादा किया था। 'डेक्कन हेराल्ड' की हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि कृषि भूमि की खरीद और मालिकाना हक पर पहले लगी पाबंदियों में ढील दिए जाने के बाद लगभग 19.92 लाख एकड़ कृषि भूमि का मालिकाना हक बदला है।
उन्होंने राहुल गांधी से आग्रह किया कि वे पार्टी के भीतर सही स्तर पर इस मामले को उठाएं और संशोधनों की व्यापक समीक्षा की मांग करें, जिसमें खेती, छोटे और सीमांत किसानों, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कर्नाटक की दीर्घकालिक खाद्य सुरक्षा पर उनके असर को शामिल किया जाए। उन्होंने कृषि भूमि की खरीद और मालिकाना हक से जुड़े सुरक्षा उपायों को बहाल करने के लिए एक स्पष्ट नीतिगत रोडमैप और 2023 के घोषणापत्र के वादे के अनुरूप उचित विधायी उपायों की भी मांग की।
--आईएएनएस
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