सचिन वझे की महंगी कारों और ओबेरॉय होटल में 100 दिन ठहरने पर हाईकोर्ट के सवाल, वीडियो में जाने 14 अक्टूबर तक बढ़ी जमानत पर रोक
बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को मुंबई पुलिस के पूर्व असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर (API) सचिन वझे की महंगी कारों और ओबेरॉय होटल में करीब 100 दिन तक ठहरने को लेकर सवाल उठाए। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की ओर से जमानत के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने पूछा कि पुलिस में API रैंक का अधिकारी मर्सिडीज और बीएमडब्ल्यू जैसी महंगी कारों का इस्तेमाल कैसे करता था।
सुनवाई के दौरान NIA ने अदालत को बताया कि सचिन वझे इन कारों से पुलिस कमिश्नर के कार्यालय और मुख्यमंत्री के बंगले तक जाते थे। अदालत ने इन तथ्यों को वझे पर लगे जबरन वसूली के आरोपों के संदर्भ में देखा। मामले में हाईकोर्ट ने उनकी जमानत पर लगी रोक को 14 अक्टूबर तक बढ़ा दिया है।
महंगी कारों को लेकर अदालत ने पूछे सवाल
सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाईकोर्ट ने वझे की आर्थिक स्थिति और उनके रहन-सहन से जुड़े पहलुओं पर सवाल उठाए। अदालत ने जानना चाहा कि एक पुलिस अधिकारी के पास मर्सिडीज और बीएमडब्ल्यू जैसी महंगी गाड़ियां इस्तेमाल करने की सुविधा कैसे थी।
NIA ने अदालत के सामने दावा किया कि वझे इन गाड़ियों से पुलिस कमिश्नर के कार्यालय और मुख्यमंत्री के बंगले तक आते-जाते थे। जांच एजेंसी ने इन तथ्यों का उल्लेख करते हुए वझे के खिलाफ लगाए गए जबरन वसूली के आरोपों की ओर अदालत का ध्यान दिलाया।सुनवाई में ओबेरॉय होटल में करीब 100 दिन तक ठहरने का मुद्दा भी उठा। महंगे होटल में लंबे समय तक रहने और लग्जरी कारों के इस्तेमाल से जुड़े सवाल मामले की सुनवाई के महत्वपूर्ण पहलुओं में शामिल रहे।
NIA ने जमानत आदेश को दी चुनौती
राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने विशेष अदालत की ओर से 29 सितंबर को दिए गए जमानत आदेश को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी है। एजेंसी का कहना है कि वझे को जमानत दिए जाने के फैसले पर न्यायिक समीक्षा की जरूरत है।हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान वझे की जमानत पर लगी रोक को 14 अक्टूबर तक बढ़ा दिया। इस फैसले के चलते फिलहाल उन्हें जेल में ही रहना होगा।सचिन वझे वर्तमान में ठाणे सेंट्रल जेल में बंद हैं। उनकी जमानत को लेकर कानूनी प्रक्रिया जारी है और हाईकोर्ट में मामले पर आगे सुनवाई होनी है।
एंटीलिया बम कांड और मनसुख हिरेन हत्याकांड में आरोपी
सचिन वझे वर्ष 2021 के चर्चित एंटीलिया बम कांड और कारोबारी मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में आरोपी हैं। उद्योगपति मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित आवास एंटीलिया के पास एक वाहन में विस्फोटक सामग्री मिलने के बाद यह मामला सामने आया था। इसके बाद कारोबारी मनसुख हिरेन की मौत ने जांच को और गंभीर बना दिया था।इन मामलों की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने की। वझे पर लगे आरोपों और उनकी भूमिका को लेकर कानूनी कार्यवाही जारी है।फिलहाल, बॉम्बे हाईकोर्ट में जमानत से जुड़ी सुनवाई के दौरान महंगी कारों, होटल में लंबे समय तक ठहरने और कथित जबरन वसूली के मुद्दों पर चर्चा हुई है। अदालत का अगला कदम 14 अक्टूबर तक बढ़ाई गई रोक और NIA की याचिका पर होने वाली आगे की सुनवाई के संदर्भ में महत्वपूर्ण रहेगा।