बोकारो स्टील प्लांट में विस्थापितों का आंदोलन तेज, 106 युवाओं का भूख हड़ताल जारी
बोकारो, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। झारखंड के बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) में रोजगार की मांग को लेकर विस्थापित परिवारों के प्रशिक्षित युवाओं ने आंदोलन तेज कर दिया है। प्लांट में स्थायी नौकरी और विस्थापितों के लिए स्पष्ट नियोजन नीति लागू करने की मांग पर आंदोलन कर रहे युवाओं ने गुरुवार को प्लांट के गेट नंबर 9 और 10 को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो वे प्लांट के अन्य प्रवेश द्वारों को भी बंद करेंगे। आंदोलनकारियों ने जरूरत पड़ने पर उत्पादन ठप करने की चेतावनी भी दी है। विस्थापित नौजवान संघर्ष मोर्चा के बैनर तले आंदोलन कर रहे 106 युवक पिछले छह दिनों से प्लांट परिसर के निकट टू-टैंक गार्डन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में विस्थापित अप्रेंटिस प्रशिक्षुओं में से 1,500 युवाओं की नियमित नियुक्ति, चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों में पहले लागू आरक्षण व्यवस्था को बहाल करना और विस्थापित परिवारों के लिए स्पष्ट रोजगार नीति तैयार करना शामिल है।
मोर्चा के अध्यक्ष अरुण कुमार महतो ने आरोप लगाया कि प्रबंधन उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रहा है। उन्होंने कहा कि विस्थापित परिवारों ने प्लांट की स्थापना के लिए अपनी जमीन दी, लेकिन उनके आश्रितों को रोजगार के लिए लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रबंधन ने जल्द कोई ठोस पहल नहीं की, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा और प्लांट का कामकाज रोकने की कोशिश की जाएगी।
आंदोलन से जुड़े नेता सुनील कुमार ने कहा कि युवाओं को पिछले करीब डेढ़ साल से आश्वासन मिल रहे हैं, लेकिन नियुक्ति के सवाल पर कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण पूरा कर चुके युवा रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जबकि उन्हें स्थायी नौकरी के बजाय ठेका आधारित काम से संतोष करने को कहा जाता है। आंदोलनकारियों की मांग है कि प्रशिक्षित विस्थापित युवाओं को स्थायी नियुक्ति देने के लिए स्पष्ट समयसीमा तय की जाए।
आंदोलन के तेज होने के बीच बीएसएल के सुरक्षा विभाग ने भी प्रशासन को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया है। पत्र में आशंका जताई गई है कि आंदोलन के कारण संयंत्र के उत्पादन और औद्योगिक सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। कोक ओवन से लेकर सीआरएम तक विभिन्न इकाइयों के कामकाज पर संभावित प्रभाव को लेकर चिंता जताई गई है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने टू-टैंक गार्डन के आसपास तीन पालियों में दंडाधिकारियों की तैनाती की है।
भूख हड़ताल में शामिल लोगों में से कुछ की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है। फिलहाल आंदोलनकारियों और प्रबंधन के बीच गतिरोध बना हुआ है। एक ओर विस्थापित युवा स्थायी रोजगार और नियोजन नीति पर ठोस निर्णय की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आंदोलन के विस्तार से संयंत्र के कामकाज और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है।
--आईएएनएस
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