दिल्ली पुलिस ने ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझाई, 500 सीसीटीवी खंगालने के बाद दो हत्यारोपी गिरफ्तार
नई दिल्ली, 15 जुलाई (आईएएनएस)। द्वारका डिस्ट्रिक्ट के स्पेशल स्टाफ और द्वारका नॉर्थ पुलिस स्टेशन की संयुक्त टीम ने द्वारका नॉर्थ पुलिस थाना क्षेत्र में हुई हत्या के मामले में 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
दरअसल, 12 जुलाई को द्वारका के सेक्टर-18ए में कारगिल चौक के पास वाली सड़क और नाले के बीच घास में एक अज्ञात व्यक्ति के शव से मिलने की सूचना पुलिस को मिली थी। जब पुलिस टीम ने मौके पर पहुंची, तो पाया कि आदमी का शव पड़ा था। शव की उम्र करीब 35 साल थी, उस पर टैटू बने हुए थे और सिर पर चोट का निशान था। शव के पास से पहचानने का कोई साक्ष्य नहीं मिला।
हालातों को देखते हुए दिल्ली के द्वारका नॉर्थ पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद डीसीपी कुशलपाल सिंह के निर्देशों पर द्वारका जिले के स्पेशल स्टाफ और द्वारका नॉर्थ पुलिस की खास टीमों को दोषियों का पता लगाने और उन्हें पकड़ने के लिए तैनात किया गया।
दोनों टीमों ने घटनास्थल का दौरा किया और घटना वाली जगह के साथ-साथ आस-पास के रास्तों के लगभग 500 सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया। द्वारका नॉर्थ पुलिस ने सभी उपलब्ध कानूनी तरीकों से पहचान की प्रक्रिया शुरू करके तुरंत कार्रवाई की। इस दौरान मृतक की पहचान दिल्ली के नजफगढ़ निवासी 38 वर्षीय अखिलेश मंडल के रूप में हुई।
सीसीटीवी एनालिसिस और टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर द्वारका नॉर्थ पुलिस स्टेशन के ब्लाइंड मर्डर केस में शामिल अनिल ठाकुर (66) और राजू कुमार (28) को गिरफ्तार किया।
पूछताछ के दौरान पता चला कि मृतक अखिलेश, अनिल ठाकुर के घर पर ही उसके साथ रह रहा था। शुरू में अनिल ठाकुर की सहमति से अखिलेश को वहां रहने की इजाजत दी गई थी। लेकिन अखिलेश को शराब की लत होने के कारण उनके बीच अक्सर झगड़े होते थे। इसके बाद, अनिल ठाकुर ने अपना घर बेचने का फैसला किया, जिसका मृतक ने विरोध किया।
10 जुलाई को अनिल ठाकुर ने अखिलेश को सेक्टर-13, द्वारका बुलाया। इसके बाद, तीनों उस जगह पर गए जहां दोनों आरोपियों ने अखिलेश के साथ मारपीट की, जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या करने के बाद दोनों आरोपी दिल्ली के नजफगढ़ इलाके के धर्मपुरा भाग गए।
आरोपी अनिल ठाकुर मृतक के परिवार को अच्छी तरह जानता था और हत्या करने के बाद वह मृतक के परिवार को गुमराह कर रहा था, इसी वजह से उन्होंने मृतक के लापता होने की कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई थी।
--आईएएनएस
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