बांसवाड़ा में ब्लैकमेलिंग गैंग का भंडाफोड़ — ब्याज के नाम पर व्यापारी का नाम इस्तेमाल कर फॉर्च्यूनर कार फाइनेंस कर ली
— शहर में ब्याज और धमकी के नाम पर ब्लैकमेलिंग और रंगदारी वसूली करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। कोतवाली पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर एक व्यापारी को धमकाकर अवैध रकम वसूलने और उसके नाम पर लग्जरी वाहन फाइनेंस करवाने का आरोप है।
क्या हुआ पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार एक स्थानीय फर्नीचर व्यापारी ने कोतवाली थाना में शिकायत दर्ज कराई कि उसने आरोपी अयूब खान से कुछ रकम उधार ली थी। इसके बाद आरोपी ने ब्याज की अत्यधिक मांग शुरू कर दी और जब व्यापारी ब्याज नहीं दे सका, तो वह उसे बंदूक से मारने और जान से मारने की धमकियाँ देने लगा।
धमकी देने का तरीका और जाल
शिकायत में व्यापारी ने बताया कि आरोपियों ने उसे लगातार धमकाकर लाखों रुपये की वसूली की और दबाव बनाकर उसके नाम से एक टॉयोटा फॉर्च्यूनर कार को फाइनेंस भी करवाया, जिसका इस्तेमाल मुख्य आरोपी स्वयं कर रहा था।
इस कार्रवाई में पुलिस ने बताया कि फॉर्च्यूनर कार के अलावा गिरोह ने ब्याज और उगाही के लिए व्यापारी से कई बार लाखों रुपये ऐंठे। मुख्य आरोपी अयूब खान खुद प्रतापगढ़ का हिस्ट्रीशीटर है और उस पर बांसवाड़ा तथा प्रतापगढ़ जिलों में करीब 20 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी के निर्देशन में डिप्टी गोपीचंद मीणा की टीम ने शिकायत मिलते ही विशेष जांच शुरू की। योजनाबद्ध कार्रवाई के तहत मुख्य आरोपी अयूब खान और उसके तीन साथियों को गिरफ्तार किया गया है। अब पुलिस पूरे मामले की और गहनता से जांच कर रही है।
क्या संयुक्त गिरोह था?
प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी अयूब खान अकेला नहीं बल्कि कई अन्य लोगों के साथ मिलकर यह गिरोह चलाता था और व्यापारी को धमका कर कई अन्य लोगों से भी रकम वसूली की गई। कुछ मामलों में आरोपियों ने व्यापारी को डराकर उसके खाते में पैसे भी डालवाए थे और कमीशन के नाम पर रकम वसूला था।
पुलिस का संदेश और आगे की कार्रवाई
बांसवाड़ा पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई ने जीवन और संपत्ति को खतरे में डालकर लोगों को ब्लैकमेल और धमकाने वाले गिरोहों के खिलाफ सख्त संदेश दिया है। पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि गिरोह के खिलाफ आरोप पत्र तैयार कर अदालत में पेश किया जाएगा और मामले की विस्तृत न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।