Form 6 विवाद पर BJP का पलटवार, वीडियो में जाने संबित पात्रा बोले- चुनाव आयोग ने फॉर्म में बदलाव नहीं किया, राहुल गांधी फैला रहे झूठ
नई दिल्ली में मंगलवार को Form 6 को लेकर चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच चल रहे विवाद पर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर पलटवार किया। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि चुनाव आयोग ने Form 6 में कोई बदलाव नहीं किया है, बल्कि उसके साथ केवल एक अतिरिक्त अटैचमेंट जोड़ा गया है। उन्होंने राहुल गांधी के आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने Form 6 को अवैध नहीं ठहराया है।
संबित पात्रा ने क्या कहा?
संबित पात्रा ने कहा कि 27 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में Special Intensive Revision यानी SIR से जुड़े मामले में कहा था कि केवल Form 6 पर्याप्त नहीं है और इसके साथ जरूरी अतिरिक्त दस्तावेज या घोषणा भी ली जा सकती है। भाजपा का तर्क है कि चुनाव आयोग ने इसी प्रक्रिया के तहत Form 6 के साथ अतिरिक्त घोषणा जोड़ी है।पात्रा ने कहा कि चुनाव आयोग ने मूल Form 6 में कोई बदलाव नहीं किया है। उनके मुताबिक, Form 6 के साथ जो अतिरिक्त घोषणा जोड़ी गई है, उसे लेकर सुप्रीम कोर्ट के पुराने आदेश का संदर्भ दिया गया था। उन्होंने राहुल गांधी पर इस मुद्दे को लेकर जनता को गुमराह करने और गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया।
सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को क्या हुआ?
यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार, 5 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने स्पष्ट किया कि कोर्ट ने Form 6 के किसी संशोधित संस्करण को मंजूरी नहीं दी है।CJI सूर्यकांत ने कहा कि जब रिकॉर्ड अदालत के सामने आएगा तो यह देखा जाएगा कि Form 6 में क्या बदलाव किया गया और उसे किसने किया। अदालत ने इस मामले में चुनाव आयोग और केंद्र समेत संबंधित पक्षों को नोटिस भी जारी किया है।
Form 6 को लेकर क्या है विवाद?
Form 6 का इस्तेमाल नए मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए किया जाता है। SIR प्रक्रिया के दौरान ऑनलाइन Form 6 से जुड़ी अतिरिक्त घोषणा में आवेदक से उसके माता-पिता या पूर्ववर्ती SIR की मतदाता सूची से संबंधित जानकारी मांगे जाने को लेकर सवाल उठे हैं।विवाद का एक प्रमुख बिंदु यह है कि क्या इस अतिरिक्त जानकारी को Form 6 के साथ अनिवार्य रूप से जोड़ा जा सकता है और इसके लिए किस स्तर पर अनुमति जरूरी थी। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल मामले की पूरी प्रक्रिया और रिकॉर्ड की जांच करने की बात कही है।
BJP और विपक्ष के दावों में टकराव
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद राहुल गांधी ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाए। इसके जवाब में संबित पात्रा ने कहा कि CJI ने यह नहीं कहा कि Form 6 गैरकानूनी है। भाजपा का कहना है कि अदालत ने केवल रिकॉर्ड मांगे हैं और मामले की न्यायिक जांच अभी जारी है।वहीं, चुनाव आयोग ने भी राहुल गांधी के आरोपों को भ्रामक बताया है। आयोग का कहना है कि बिहार में SIR का आदेश 24 जून 2025 को आयोग की सर्वसम्मति से जारी हुआ था और 27 मई 2026 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले में इसे बरकरार रखा गया था।इस तरह Form 6 को लेकर भाजपा, विपक्ष और चुनाव आयोग के दावों के बीच मतभेद बना हुआ है। अब मामले में सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश किए जाने वाले रिकॉर्ड और आगे की सुनवाई पर सभी की नजर है।