भाजपा उम्मीदवार का टीएमसी पर निशाना, बोले- 'ममता-अभिषेक को जनता ने सिखाया सबक'
कोलकाता, 2 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर भाजपा उम्मीदवार तपस चंद्र रॉय ने तृणमूल कांग्रेस और सीएम ममता बनर्जी पर निशाना साधा है।
मानिकतला विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार तपस चंद्र रॉय ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, "आज भी हिंसा हुई और लोगों को वोट डालने नहीं दिया गया। अभिषेक बनर्जी जीते, क्योंकि वे लोगों को वोट नहीं डालने देते और सेलो टेप लगा देते हैं। आगे देखेंगे कि वे कितने वोटों से जीतते हैं।"
तपस चंद्र रॉय ने आगे कहा, "जनता ने पश्चिम बंगाल सरकार, सत्ताधारी पार्टी, सीएम ममता बनर्जी, तथा अभिषेक बनर्जी को सबक सिखा दिया है। वे हमें क्या सबक सिखाएंगे? ममता बनर्जी को याद रखना चाहिए कि 2011 में सत्ता में आने के बाद 2013 से 2024 तक सभी चुनाव गुंडों और पुलिस के सहारे संचालित किए गए।"
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "बंगाल में कुल 294 सीटें हैं। ममता ने 300 सीटों की बात की है, तो बाकी 6 सीटें कहां से आएंगी? मुझे नहीं पता।"
वहीं, भाजपा उम्मीदवार रितेश तिवारी ने कहा, "मैं आपको गारंटी देता हूं कि टीएमसी 200 सीटों से हारेगी। मैं भी एक उम्मीदवार हूं। मैं लंबे समय से चुनावों को देख रहा हूं और मैं यह समझ सकता हूं कि एक जबरदस्त जीत होने वाली है। बंगाल और बंगालियों का एक खास स्वभाव है। हम खुले दिल से स्वागत करते हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "अब आप खुद ही समझ सकते हैं कि वह (ममता बनर्जी) क्या कह रही हैं? असल में उन्हें किसी पर भरोसा नहीं है। मैं तृणमूल कांग्रेस के कई एजेंटों और नेताओं को जानता हूं। वे अपने काउंटिंग एजेंटों को 2-3 बार बदल रहे हैं। 1952 से लेकर अब तक, पश्चिम बंगाल में यह पहला ऐसा चुनाव है जो पूरी तरह से रक्तहीन रहा है। यह पहला ऐसा चुनाव है जिसमें बूथ पर किसी की जान नहीं गई, यह पहला ऐसा चुनाव है जिसमें सड़कों पर किसी की जान नहीं गई, इसलिए चुनाव आयोग स्वाभाविक रूप से आभार का पात्र है।"
पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी देबाशीष सेन ने चुनाव प्रक्रिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 27 लाख मतदाता बिना किसी गलती के अपना वोट नहीं डाल पाए, जो लोकतंत्र के लिए झटका है। उन्होंने कहा, "धांधली या जबरदस्ती वोट डलवाने की कोई शिकायत नहीं थी। मेरी राय में चुनाव का संचालन बहुत अच्छा रहा।"
हालांकि, उन्होंने मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के कारण इतने बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने पर दुख जताया।
--आईएएनएस
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