×

खाटूधाम में धूमधाम से मनाई गई बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच की शादी की 25वीं सालगिरह, विशेष धार्मिक आयोजन बना आकर्षण

 

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच की शादी की 25वीं सालगिरह के अवसर पर खाटूधाम में भव्य और विशेष धार्मिक आयोजन का आयोजन किया गया। इस मौके पर श्रद्धा, आस्था और उत्सव का अद्भुत संगम देखने को मिला। दंपति ने अपने वैवाहिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने पर भगवान श्री खाटूश्याम के दरबार में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया और सुख-समृद्धि की कामना की।

इस विशेष अवसर पर खाटूधाम में धार्मिक अनुष्ठानों की श्रृंखला आयोजित की गई, जिसमें पूजा-पाठ, भजन-कीर्तन और विशेष आरती का आयोजन प्रमुख आकर्षण रहा। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों और शुभचिंतकों का आना-जाना लगा रहा। दाधीच परिवार ने पूरे विधि-विधान से बाबा श्याम की पूजा कर रजत जयंती वैवाहिक वर्षगांठ को यादगार बनाया।

कार्यक्रम में कई राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र से जुड़े गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही। बड़ी संख्या में समर्थकों, कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों ने दंपति को विवाह की 25वीं सालगिरह पर शुभकामनाएं दीं। आयोजन के दौरान भजन संध्या का भी आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालु श्याम भक्ति में लीन नजर आए।

विशेष धार्मिक आयोजन के तहत हवन-पूजन, प्रसादी वितरण और सामूहिक आरती का आयोजन किया गया। मंदिर परिसर को आकर्षक फूलों और रोशनी से सजाया गया था, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। आयोजन में पहुंचे लोगों ने इसे आध्यात्मिक और पारिवारिक मूल्यों का सुंदर उदाहरण बताया।

मुकेश दाधीच ने इस अवसर पर कहा कि वैवाहिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होना उनके लिए बेहद भावुक और गौरवपूर्ण क्षण है। उन्होंने कहा कि बाबा श्याम की कृपा से जीवन में सदैव मार्गदर्शन और आशीर्वाद मिला है, और इसी भावना के साथ यह आयोजन रखा गया। उन्होंने सभी शुभचिंतकों का आभार भी व्यक्त किया।

राजनीतिक गलियारों में भी इस आयोजन की चर्चा रही। कई नेताओं ने इसे सादगी, संस्कार और आस्था से जुड़ा प्रेरणादायक आयोजन बताया। सामाजिक स्तर पर भी इस तरह के धार्मिक आयोजनों को परिवार और परंपराओं से जुड़ाव का प्रतीक माना गया।

खाटूधाम में आयोजित यह विशेष धार्मिक कार्यक्रम न केवल एक पारिवारिक उत्सव रहा, बल्कि आस्था और सामाजिक समरसता का संदेश भी देता नजर आया। शादी की 25वीं सालगिरह को धार्मिक स्वरूप देकर मुकेश दाधीच परिवार ने इसे एक यादगार अवसर में बदल दिया।

भक्ति, उत्साह और शुभकामनाओं के बीच संपन्न हुआ यह आयोजन लंबे समय तक लोगों की स्मृतियों में बना रहेगा।