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भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती ने शुरू की 'बंगाल फुटबॉल एकेडमी' बनाने की पहल

 

कोलकाता, 14 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता मिथुन चक्रवर्ती ने 'बंगाल फुटबॉल एकेडमी' बनाने की पहल फिर से शुरू की है, जिसकी कोशिश करीब 15 साल से जारी है। सोमवार को उन्होंने न्यू टाउन में पूर्व फुटबॉलर्स के साथ एकेडमी की योजना पर चर्चा की।

मिथुन चक्रवर्ती की योजना प्रत्येक जिले से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को लाना है। वह पहाड़ी इलाकों पर भी फोकस करेंगे। उनकी योजना शुरुआत में 60 फुटबॉलर्स के साथ एकेडमी शुरू करना है। इसके साथ ही दिग्गज अभिनेता मिथुन ने एकेडमी के वित्तीय योजना के बारे में भी बताया।

'आईएएनएस' के साथ बातचीत में मिथुन चक्रवर्ती ने कहा, "बीते 15 वर्षों से कुछ हुआ नहीं, क्योंकि मैं शामिल था। मेरा नाम आते ही सब कुछ बैन कर दिया गया। कोई मैदान, कोई फील्ड कुछ नहीं दिया गया... बोल के भी नहीं दिया। इसलिए 15 साल से ये ठप्प पड़ा हुआ था, लेकिन हम लोगों ने एक करोड़ रुपए जमा करके रखे हैं, जो अभी भी बैंक में हैं। अभी इस एकेडमी को चलाने के लिए, इसको ताकत देने के लिए और दो-तीन करोड़ रुपए मैं चंदे से जुटाउंगा, ताकि बंगाल फुटबॉल एकेडमी अच्छी तरह से चल सके।"

उन्होंने कहा, "हम लोग अभी डिस्ट्रिक्ट में लोगों को भेजेंगे। सब जगह से अच्छे खिलाड़ियों को चुनेंगे। हम 60 खिलाड़ियों को चुनेंगे, जिसमें से आदिवासी खिलाड़ियों पर मेरी ज्यादा नजर है। पहाड़ी इलाकों में, दार्जिलिंग, कालिम्पोंग ये सब जगह हिल्स एरिया में जो लड़के अच्छा खेलते हैं, उनके ऊपर मेरा ज्यादा नजर है। हमने चार-पांच ग्राउंड सोच रखे हैं। टेंडर के जरिए हमें जो मिलेगा, हम उसी में काम करेंगे।"

चयन प्रक्रिया को लेकर बीजेपी के राज्य उपाध्यक्ष राजू बंद्योपाध्याय ने कहा, "यह पूरी तरह से पारदर्शी होगा। बंगाल से जुड़े जितने भी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हैं, वो लोग इसमें जुटे हुए हैं। हम लोगों ने एक योजना बनाई है। ये अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी जिला स्तर पर जाकर वहां स्काउटिंग करेंगे, जो सबसे बेहतरीन खिलाड़ी हैं, उसको हम कोलकाता लाएंगे और फिर इधर जो फाइनल सिलेक्शन होगा। चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता होगी। जो श्रेष्ठ खिलाड़ी हैं, वहीं इसमें हिस्सा लेंगे। चाहे फुटबॉल हो, चाहे वो शिक्षा हो, चाहे वो औद्योगीकरण हो, हम सभी में बदलाव लाना चाहते हैं। दादा (मिथुन चक्रवर्ती) ने ये सपना देखा है कि हमें वापस से बंगाल को 'सोनार बांग्ला' बनाना है। हम सभी उनके साथ, उनके इस सपने को पूरा करने के लिए तत्पर हैं।"

--आईएएनएस

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