सरकार ने संवैधानिक संस्थाओं को बर्बाद किया, 2027 में होगा सफाया: अखिलेश यादव
लखनऊ, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर आरोप लगाया कि उसने संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर कर दिया है और प्रदेश में भ्रष्टाचार व लूट का माहौल बना दिया है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार 'मनविधान' से चल रही है और लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचा रही है।
शुक्रवार को पार्टी मुख्यालय में युवा संगठनों की बैठक को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी के नौजवानों की बड़ी जिम्मेदारी है कि वे 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करें।
उन्होंने कहा कि छात्रसभा, युवजन सभा, लोहिया वाहिनी और मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को पूरी सक्रियता के साथ मैदान में उतरना होगा। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वह 'सौदागर की तरह' काम कर रही है और सरकारी संपत्तियों को बेचने में लगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुनाफाखोरी की नीति के चलते महंगाई और भ्रष्टाचार दोनों बढ़े हैं, जबकि पढ़े-लिखे युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है।
सपा प्रमुख ने कहा कि निवेश के बड़े दावे किए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस परिणाम नहीं दिखा। प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है और दिनदहाड़े हत्याएं हो रही हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने इन क्षेत्रों को पूरी तरह से चौपट कर दिया है। प्राइमरी शिक्षा कमजोर हो रही है और स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं।
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि 14 अप्रैल को बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती गांव और सेक्टर स्तर पर मनाई जाएगी और संविधान पर मंडरा रहे खतरे को जनता के बीच उजागर किया जाएगा।
उन्होंने पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के एकजुट होने पर जोर देते हुए कहा कि इसी सामाजिक समीकरण के सहारे 2027 में भाजपा को हराया जाएगा। समाजवादी सरकार बनने पर सामाजिक न्याय की स्थापना होगी और सभी वर्गों को हक व सम्मान मिलेगा।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से सकारात्मक और प्रगतिशील तरीके से जनता के बीच जाने की अपील करते हुए कहा कि भाजपा की नकारात्मक राजनीति का जवाब संगठन की ताकत से दिया जाएगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि समाजवादी सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई योजनाएं—जैसे एंबुलेंस सेवा, डायल 100, मेट्रो और गोमती रिवर फ्रंट—विकास के प्रतीक थीं, जिन्हें वर्तमान सरकार ने नुकसान पहुंचाया।
--आईएएनएस
विकेटी/एएसएच