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भाजपा की मूल विचारधारा प्रखर राष्ट्रवाद, विपक्षी नेताओं का इसकी ओर झुकाव स्वाभाविक: प्रीति शेखर

 

भागलपुर, 14 जून (आईएएनएस)। भाजपा नेता प्रीति शेखर ने पश्चिम बंगाल की राजनीति और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेतृत्व पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने कहा कि भाजपा की मूल विचारधारा प्रखर राष्ट्रवाद पर आधारित है और विपक्षी दलों के नेताओं का इस विचारधारा की ओर आकर्षित होना स्वाभाविक है।

प्रीति शेखर ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की मूल विचारधारा प्रखर राष्ट्रवाद पर आधारित है और देश के हर नागरिक का इस विचारधारा की ओर आकर्षित होना स्वाभाविक है। उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रवाद की भावना आज देश के हर कोने में मजबूत हो रही है और लोग इसे स्वीकार कर रहे हैं।

टीएमसी नेतृत्व पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वहां लंबे समय से एक ऐसी राजनीति चल रही थी जिसमें विचारधारा की कमी थी और निर्णय केंद्रीकृत तरीके से लिए जाते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी नेतृत्व में संवाद की कमी रही, जिसके कारण कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों में असंतोष बढ़ा। उन्होंने कहा कि जब किसी संगठन में लोगों की आवाज को महत्व नहीं दिया जाता, तो असंतोष का बढ़ना स्वाभाविक है। इसी कारण, उनके अनुसार, कई नेता अब पार्टी से दूरी बना रहे हैं और नए राजनीतिक विकल्पों की तलाश कर रहे हैं।

भाजपा नेता ने इसे एक राजनीतिक सबक बताते हुए कहा कि जो दल केवल स्वार्थ या परिवारवाद की राजनीति करते हैं, उन्हें जनता समय आने पर जवाब देती है। उन्होंने कहा कि राजनीति का उद्देश्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि जनता की सेवा करना होना चाहिए। उन्होंने टीएमसी का उदाहरण देते हुए कहा कि यह स्थिति उन दलों के लिए चेतावनी है जो पारदर्शिता और संगठनात्मक लोकतंत्र को नजरअंदाज करते हैं। उनके अनुसार, जनता अब ऐसे नेतृत्व को स्वीकार नहीं करती जो केवल परिवार या सीमित दायरे तक केंद्रित रहता है।

प्रीति शेखर ने कहा कि भाजपा एक ऐसी पार्टी है जो हर विचारधारा के लोगों का स्वागत करती है, बशर्ते वे राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें। उन्होंने कहा कि पार्टी में “व्यक्ति से बड़ा दल और दल से बड़ा देश” की भावना को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।

उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग राष्ट्रवादी सोच के साथ जुड़ना चाहते हैं, उनके लिए भाजपा में हमेशा दरवाजे खुले हैं। उनके अनुसार, देशहित में काम करने वाले सभी लोगों को एक मंच पर आकर मजबूत भारत के निर्माण में योगदान देना चाहिए।

--आईएएनएस

पीआईएम/डीएससी