भाजपा का संगठनात्मक अभियान तेज, प्रशिक्षण और कार्यक्रमों पर फोकस: किरण सिंह देव
रायपुर, 31 मई (आईएएनएस)। नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की एक बड़ी संगठनात्मक बैठक 1 जून को आयोजित होने जा रही है। इस बैठक में देशभर के सभी राज्यों के भाजपा अध्यक्षों को बुलाया गया है। बैठक की अध्यक्षता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन करेंगे। इस बैठक को लेकर छत्तीसगढ़ भाजपा अध्यक्ष किरण सिंह देव ने रविवार को रायपुर में आईएएनएस से खास बातचीत की।
किरण सिंह देव ने कहा कि यह कोई असाधारण बैठक नहीं है, बल्कि पार्टी की नियमित संगठनात्मक गतिविधियों का हिस्सा है। भाजपा में समय-समय पर इस तरह की बैठकों का आयोजन किया जाता है ताकि संगठन को मजबूत किया जा सके और आने वाले कार्यक्रमों की रणनीति तय की जा सके।
उन्होंने बताया कि इस समय पार्टी के भीतर प्रशिक्षण अभियान चल रहा है और संगठनात्मक स्तर पर कई कार्यक्रमों की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि 5 से 23 जून तक कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम प्रस्तावित हैं, जिनमें बलिदान दिवस, श्यामा प्रसाद मुखर्जी से जुड़े आयोजन, पर्यावरण दिवस और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। इन सभी गतिविधियों को लेकर इस बैठक में मार्गदर्शन और समन्वय पर चर्चा होगी।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने लगातार 12 वर्षों तक बिना किसी रुकावट के देश का नेतृत्व किया है। उनके अनुसार, इस अवधि में देश ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है, चाहे वह विकास के क्षेत्र हों, सामाजिक योजनाएं हों या वैश्विक स्तर पर भारत की पहचान।
किरण सिंह देव ने दावा किया कि मोदी सरकार की योजनाओं का लाभ गांव, शहर और हर वर्ग तक पहुंचा है। आज भारत का सम्मान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा है और विदेशों में रहने वाले भारतीयों की स्थिति और पहचान भी मजबूत हुई है। उन्होंने इसे भाजपा और देश दोनों के लिए गर्व का विषय बताया।
यूसीसी (समान नागरिक संहिता) को लेकर पूछे गए सवालों पर उन्होंने कहा कि यह विषय केंद्र सरकार और संबंधित राज्यों के स्तर पर विचाराधीन हैं और जैसे ही कोई निर्णय होगा, वह सार्वजनिक रूप से सामने आ जाएगा।
इसके साथ ही उन्होंने विपक्षी गठबंधन पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन अपने अस्तित्व को लेकर ही संघर्ष कर रहा है। उनके अनुसार, इस गठबंधन के भीतर न तो कोई साझा विचारधारा है और न ही कोई कॉमन मिनिमम प्रोग्राम। उन्होंने आरोप लगाया कि यह दल केवल सत्ता पाने के उद्देश्य से एक साथ आए हैं, लेकिन उनके बीच वैचारिक एकता नहीं है।
किरण सिंह देव ने कहा कि अलग-अलग राज्यों में ये पार्टियां एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ती हैं, एक-दूसरे की आलोचना करती हैं, लेकिन जब राष्ट्रीय स्तर पर कोई साझा मंच आता है तो वे एक साथ दिखने लगते हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक अवसरवाद बताया।
उन्होंने पश्चिम बंगाल, पंजाब और तमिलनाडु का उदाहरण देते हुए कहा कि कई राज्यों में ये दल आपस में विरोधी हैं, लेकिन राष्ट्रीय राजनीति में एक साथ आने की कोशिश करते हैं। उनके अनुसार यह गठबंधन लंबे समय तक टिकने वाला नहीं है क्योंकि इसमें न तो विचारधारा की समानता है और न ही नीतिगत स्पष्टता।
किरण सिंह देव ने यह भी कहा कि विपक्षी गठबंधन के भीतर सत्ता की महत्वाकांक्षा ज्यादा है और देशहित की राजनीति कम दिखाई देती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई दल केवल अपने राजनीतिक लाभ के लिए एक-दूसरे के साथ आते-जाते रहते हैं, जिससे जनता के बीच उनकी विश्वसनीयता कमजोर होती है।
--आईएएनएस
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