भाजपा का अस्तित्व खत्म करने की बात कहने वाले विपक्ष को जनता गंभीरता से नहीं लेती: मनन कुमार मिश्रा
नई दिल्ली, 14 जून (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सांसद मनन कुमार मिश्रा ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में कथित संगठनात्मक संकट, शिवसेना (यूबीटी) की राजनीतिक गतिविधियों और राम जन्मभूमि दान मामले को लेकर विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं और सांसदों को जनता का बदलता रुझान साफ दिखाई दे रहा है, और इसी कारण राजनीतिक समीकरण बदल रहे हैं।
टीएमसी में संगठनात्मक बदलावों और बागी सांसदों पर भाजपा सांसद मनन कुमार मिश्रा ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि यदि कोई नेता पहले ही पार्टी नेतृत्व से दूरी बनाने का फैसला कर चुका है, तो उसे पार्टी से निकालने का कोई विशेष अर्थ नहीं रह जाता। कुछ नेता टीएमसी और उसके शीर्ष नेतृत्व से दूरी बनाकर या तो भाजपा में आने की इच्छा रखते हैं या स्वतंत्र राजनीतिक रास्ता चुनना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में जनता का मूड तेजी से बदल रहा है। राज्य की जनता ममता बनर्जी और टीएमसी से नाराज है, जिसके चलते कई नेताओं के लिए जनता के बीच जाना कठिन होता जा रहा है। कुछ सांसद जनता की भावनाओं को समझते हुए अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर निर्णय ले रहे हैं। यदि कोई सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और भाजपा की नीतियों से प्रभावित होकर एनडीए में शामिल होना चाहता है तो इसे सकारात्मक घटनाक्रम माना जाना चाहिए।
वहीं, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे द्वारा पार्टी सांसदों की बैठक बुलाने के सवाल पर मिश्रा ने कहा कि महाराष्ट्र की जनता पहले ही उद्धव ठाकरे और उनके सहयोगियों से निराश हो चुकी है।
उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि देश की जनता अब कांग्रेस के नेतृत्व पर भरोसा नहीं करती। महाराष्ट्र, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में इसके संकेत चुनावी परिणामों में दिखाई दे चुके हैं।
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत के उस बयान पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि विपक्ष के सत्ता में आने पर भाजपा का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। भाजपा लंबे समय तक देश की राजनीति में प्रभावी भूमिका निभाती रहेगी। जनता विपक्ष के ऐसे बयानों को गंभीरता से नहीं लेती और भाजपा के खिलाफ दिए जा रहे इस प्रकार के राजनीतिक वक्तव्यों को समझती है।
--आईएएनएस
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