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बिश्केक में प्रधानमंत्री मोदी ने गांधी स्मारक पर चढ़ाए फूल, भारतीय समुदाय ने किया भव्य स्वागत, गूंजे 'वंदे मातरम' के नारे

 

बिश्केक, 31 अगस्त (आईएएनएस)। उज्बेकिस्तान की सफल यात्रा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिश्केक में 26वें शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए किर्गिस्तान पहुंचे। बिश्केक में भारतीय समुदाय ने 'वंदे मातरम' के नारों के साथ उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान पीएम मोदी ने महात्मा गांधी स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भारतीय समुदाय ने बेहद उत्साह और गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। इस दौरान 'वंदे मातरम' के नारों से माहौल गूंज उठा।

भारतीय समुदाय के लोगों के साथ यह आत्मीय मुलाकात किर्गिस्तान में रहने वाले भारतीयों के गर्व, लगाव और भारत से उनके मजबूत रिश्ते को दर्शा रहा था। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किर्गिज गणराज्य के बिश्केक में महात्मा गांधी स्मारक पर फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी।

पीएम मोदी ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म 'एक्‍स' पोस्‍ट में ल‍िखा, ''सोमवार सुबह बिश्केक में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। गांधी जी के विचारों का हमारे मन पर हमेशा गहरा और अनोखा असर रहेगा।''

इससे पहले रविवार को बिश्केक पहुंचने पर मानस इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कैबिनेट ऑफ मिनिस्टर्स के चेयरमैन आदिलबेक कासिमालिएव ने पीएम मोदी का स्वागत किया। मध्य एशियाई देश की इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री कई द्विपक्षीय बैठकों में भी हिस्सा लेंगे।

यात्रा से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि भारत 2017 से एससीओ का एक सक्रिय और रचनात्मक सदस्य रहा है। मैं सुरक्षा, कनेक्टिविटी और अवसर पर आधारित इस क्षेत्र के लिए भारत के विजन को आगे बढ़ाने और आतंकवाद, अलगाववाद और चरमपंथ जैसी बुराइयों से मुक्त क्षेत्र के लिए साथी सदस्यों के साथ काम करने के लिए उत्सुक हूं, जो हमारे पड़ोस और उससे आगे शांति और स्थिरता के लिए खतरा बने हुए हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, मैं राष्ट्रपति सादिर जापारोव (किर्गिस्तान) और एससीओ के अन्य नेताओं से मिलने और छठे वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए भी उत्सुक हूं। यह मध्य एशिया की समृद्ध जीवित विरासत का उत्सव है, जिसका भारत बहुत सम्मान करता है। मुझे विश्वास है कि यह यात्रा मध्य एशिया में भारत की रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करेगी, इस क्षेत्र के साथ हमारे सभ्यतागत संबंधों को गहरा करेगी और शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए हमारे साझा प्रयासों को आगे बढ़ाएगी।

--आईएएनएस

एवाई/पीएम