☰
×

बर्थडे स्पेशल : डॉक्टर परिवार की बेटी ने बॉलीवुड में बनाई पहचान, 'वीर-जारा' और 'बागबान' में किया दमदार अभिनय

 

मुंबई, 24 सितंबर (आईएएनएस)। 'चिरइया' में अपनी शानदार एक्टिंग से ओटीटी पर धूम मचाने वाली अभिनेत्री दिव्या दत्ता का जन्मदिन 25 सितंबर को है। दिव्या दत्ता देश की उन अभिनेत्रियों और मॉडल में से एक हैं, जिन्होंने हिंदी फिल्मों के साथ-साथ पंजाबी, मलयालम और अंग्रेजी फिल्मों में भी अपनी अदाकारी का जलवा बिखेरा है।

दिव्या दत्ता का जन्म 25 सितंबर 1977 को पंजाब के लुधियाना में हुआ। उनकी मां का नाम डॉ. नलिनी दत्ता है, जो एक सरकारी अधिकारी और डॉक्टर थीं। वहीं, अभिनेत्री ने बचपन में ही पिता को खो दिया था। इसके बाद उनकी मां ने ही दिव्या और उनके भाई का भरण-पोषण किया। दिव्या ने अपनी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई लुधियाना के सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट स्कूल से पूरी की। इसके बाद उन्होंने साइकोलॉजी से डिग्री प्राप्त की।

दिव्या को बचपन से ही डांसिंग और एक्टिंग में काफी रुचि थी और वह अमिताभ बच्चन की बहुत बड़ी फैन थी। अभिनेत्री के एक्टिंग करियर की बात करें तो उन्होंने वर्ष 1994 में 'इश्क में जीना इश्क में मरना' से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा। इसके बाद अभिनेत्री ने 'वीर-जारा' और 'बागबान' जैसी सुपरहिट फिल्मों में अहम भूमिका निभाई, जिसने उन्हें घर-घर पहचान और शोहरत दिलाई।

अभिनेत्री ने अपने तीन दशक लंबे करियर में 60 से अधिक फिल्मों में काम किया है। उनकी कुछ प्रमुख फिल्मों की बात करें तो उनमें 'भाग मिल्खा भाग', 'दिल्ली-6', 'वेलकम टू सज्जनपुर', 'बदलापुर', 'शहीद-ए-मोहब्बत बूटा सिंह', 'इरादा', 'स्टैनली का डब्बा', आदि शामिल हैं। फिल्म 'इरादा' में दमदार एक्टिंग के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला है। इसके अलावा उन्हें विभिन्न फिल्मों में अलग-अलग किरदारों के जबरदस्त अभिनय के लिए कई अन्य प्रतिष्ठित पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है।

बहुत कम लोग जानते हैं कि दिव्या दत्ता एक प्रसिद्ध अभिनेत्री और मॉडल होने के साथ-साथ एक बेहतरीन लेखिका भी हैं। उनके द्वारा लिखी गई पहली किताब 'मी एंड मां' थी, जिसे उन्होंने अपनी दिवंगत मां को समर्पित किया था। इसके बाद उन्होंने 'द स्टार्स इन माय स्काई' नामक एक दूसरी किताब लिखी। लोगों को उनकी लेखनी में दिल छू लेने वाली सरल भाषा काफी पसंद आती है।

अभिनेत्री ने अभी तक शादी नहीं की है। उनका मानना है कि जीवन का आनंद लेने के लिए शादी जरूरी नहीं है।

--आईएएनएस

डीके/एबीएम