बिम्सटेक भारत के 'नेबरहुड फर्स्ट', 'एक्ट ईस्ट' और 'महासागर' विजन का करता है प्रतिनिधित्व : अजीत डोभाल
नई दिल्ली, 16 जुलाई (आईएएनएस)। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने गुरुवार को बिम्सटेक राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुखों की 5वीं बैठक को भारत के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह मंच 'नेबरहुड फर्स्ट' (पड़ोसी पहले) नीति, 'एक्ट ईस्ट' नीति और 'महासागर' विजन को दर्शाता है। मौजूदा वैश्विक चुनौतियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय सुरक्षा, संपर्क, क्षमता निर्माण और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के लिए बिम्सटेक देशों के बीच समन्वय और सहयोग बढ़ाना समय की मांग है।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए डोभाल ने भारत की प्राथमिकताओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "भारत के लिए बिम्सटेक 'नेबरहुड फर्स्ट' (पड़ोसी पहले) की हमारी सोच, 'एक्ट ईस्ट' नीति के प्रति हमारी प्रतिबद्धता और 'महासागर' विजन का प्रतिनिधित्व करता है। यह विजन क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक तथा समग्र प्रगति पर आधारित है।"
उन्होंने कहा, "हम ऐसे समय में मिल रहे हैं, जब दुनिया संघर्षों और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं से गुजर रही है। तेज तकनीकी प्रगति के कारण बहु-आयामी सुरक्षा चुनौतियां और गंभीर हो गई हैं। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं (ग्लोबल सप्लाई चेन) में व्यवधान के कारण हमारे सभी देशों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। ऐसे समय में हमारे लिए सहयोग बढ़ाना, आपसी हितों के लिए निर्णायक कदम उठाना और चर्चा व विचार-विमर्श के जरिए साझा चुनौतियों का समाधान निकालना बेहद जरूरी है।"
डोभाल ने कहा कि बिम्सटेक हिंद महासागर क्षेत्र के सबसे महत्वपूर्ण और गतिशील क्षेत्रों को एक साथ लाता है।
उन्होंने कहा, "बिम्सटेक के सदस्य देशों की कुल आबादी 1.7 अरब है, जो दुनिया की लगभग 22 प्रतिशत आबादी है। इन देशों की संयुक्त अर्थव्यवस्था करीब 5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की है।"
उन्होंने कहा कि बंगाल की खाड़ी सिर्फ भौगोलिक रूप से ही नहीं, बल्कि हजारों वर्षों से चली आ रही साझा सभ्यतागत और सांस्कृतिक विरासत के जरिए भी सदस्य देशों को जोड़ती है।
एनएसए ने कहा, "इन्हीं ऐतिहासिक संबंधों के आधार पर बिम्सटेक ने विभिन्न क्षेत्रों में मजबूत सहयोग विकसित किया है। हमारा लक्ष्य सभी लोगों के लिए साझा समृद्धि और लचीलेपन के साथ बेहतर भविष्य का निर्माण करना है।"
डोभाल ने कहा कि बिम्सटेक देशों ने आतंकवाद, अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध, साइबर खतरों और समुद्री सुरक्षा जैसी चुनौतियों से निपटने में सहयोग को मजबूत किया है तथा भविष्य की नई और उभरती चुनौतियों का भी मिलकर सामना करने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा, "बिम्सटेक के क्षेत्रीय सुरक्षा, संपर्क (कनेक्टिविटी), क्षमता निर्माण और आर्थिक सुरक्षा के दीर्घकालिक लक्ष्य हमारी सामूहिक कोशिशों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।"
--आईएएनएस
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