बीमा पॉलिसी के नाम पर ठगी करने वाले दो साइबर जालसाज गिरफ्तार, लाखों रुपए की धोखाधड़ी का खुलासा
नोएडा, 21 जुलाई (आईएएनएस)। गौतमबुद्ध नगर की थाना साइबर क्राइम पुलिस ने बीमा पॉलिसी के नाम पर लोगों को झांसा देकर ठगी करने वाले एक साइबर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक लैपटॉप, चार स्मार्टफोन और चार की-पैड मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
जांच में सामने आया है कि आरोपी खुद को नामी बीमा कंपनियों का एजेंट बताकर लोगों को अधिक मुनाफा और पॉलिसी से मिलने वाले आकर्षक लाभ का लालच देते थे। इसके बाद वे लोगों से अलग-अलग बहानों से पैसे अपने खातों में ट्रांसफर करा लेते थे।
थाना साइबर क्राइम पुलिस के अनुसार, 20 जुलाई को संकलित अभिसूचना और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण के आधार पर कार्रवाई करते हुए नोएडा से दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमिरुद्दीन (34 वर्ष), पुत्र सिराजुद्दीन तथा मुशीर अंजुम (32 वर्ष), पुत्र नुरुल हसन के रूप में हुई है।
दोनों आरोपी दिल्ली के शाहीन बाग क्षेत्र के रहने वाले हैं। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी खुद को प्रतिष्ठित बीमा कंपनियों का अधिकृत एजेंट बताकर लोगों से संपर्क करते थे। वे पॉलिसी पर अधिक रिटर्न, बोनस, मैच्योरिटी राशि या विशेष निवेश योजनाओं का झांसा देकर पीड़ितों से धनराशि जमा करा लेते थे। ठगी की रकम प्राप्त करने के बाद आरोपी इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों की सिम तोड़कर फेंक देते थे, ताकि पुलिस उनकी पहचान तक आसानी से न पहुंच सके।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने अब तक विभिन्न म्यूल बैंक खातों के माध्यम से लगभग 10 लाख रुपये की ठगी की राशि प्राप्त की है। इन बैंक खातों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर विभिन्न राज्यों से कुल सात शिकायतें दर्ज हैं। इनमें तमिलनाडु से दो, महाराष्ट्र से एक और ओडिशा से चार शिकायतें शामिल हैं। इससे स्पष्ट है कि आरोपी केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं बल्कि अंतरराज्यीय स्तर पर भी साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना साइबर क्राइम, गौतमबुद्ध नगर में विभिन्न धाराओं तथा आईटी एक्ट की धारा 66डी में मुकदमा दर्ज किया है। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कर यह पता लगाया जा रहा है कि गिरोह ने और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है तथा इसमें अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।
साइबर क्राइम पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि बीमा पॉलिसी से संबंधित किसी भी कॉल, मैसेज या निवेश प्रस्ताव पर बिना सत्यापन भरोसा न करें। यदि कोई व्यक्ति अधिक लाभ, बोनस या मैच्योरिटी राशि का लालच देकर भुगतान करने के लिए कहता है, तो पहले उसकी पूरी जांच अवश्य करें।
--आईएएनएस
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