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छत्तीसगढ़: बीजापुर मुठभेड़ में 4 महिला माओवादी समेत 6 ढेर, भारी मात्रा में हथियार बरामद

 

बीजापुर, 19 जनवरी (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ में बीजापुर के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में थाना भोपालपटनम और थाना फरसेगढ़ के सरहदी जंगल-पहाड़ी इलाके में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में चार महिलाओं सहित कुल 6 माओवादी मारे गए। यह मुठभेड़ नेशनल पार्क एरिया में हुई, जहां से ऑटोमैटिक हथियार, विस्फोटक सामग्री और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किए गए।

बीजापुर जिला मुख्यालय में पुलिस अधिकारियों ने प्रेस वार्ता कर अभियान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नेशनल पार्क एरिया कमेटी के डीवीसीएम दिलीप बेंडजा और अन्य सशस्त्र माओवादियों की मौजूदगी की खुफिया सूचना पर डीजीआर बीजापुर, डीजीआर दंतेवाड़ा, एसटीएफ एवं सीआरपीएफ 214 की संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया।

मुठभेड़ के बाद सर्च ऑपरेशन में नेशनल पार्क एरिया कमेटी के इंचार्ज डीवीसीएम दिलीप बेंडजा सहित कुल 6 माओवादियों के शव बरामद किए गए। दिलीप बेंडजा के ऊपर 8 लाख रुपए का इनाम भी घोषित था।

मारे गए अन्य माओवादियों में एसीएम माड़वी कोसा, पालो पोड़ियम, लक्खी मड़कम, जुगलो बंजाम और राधा मेटटा शामिल हैं। इन सभी पर कुल 27 लाख रुपए का इनाम घोषित था।

मुठभेड़ स्थल से 2 एके-47, 2 राइफल, 1 कार्बाइन, 1 बीजीएल लॉन्चर, ग्रेनेड, गोला-बारूद, वायरलेस सेट, विस्फोटक सामग्री, माओवादी साहित्य और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुएं बरामद की गई हैं।

पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव ने बताया कि दिलीप बेंडजा के खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में 135 आपराधिक मामले दर्ज थे और वह कई बड़ी वारदातों में शामिल रहा है।

अभियान के दौरान दुर्गम परिस्थितियों में जवानों को चुनौतियों का सामना करना पड़ा। जंगली जानवरों के हमले में दो जवान घायल हुए, जिन्हें सुरक्षित रूप से उपचार हेतु भेजा गया है। दोनों की हालत स्थिर है।

पुलिस अधीक्षक बीजापुर ने बताया कि वर्ष 2025 में जिले में हुए अलग-अलग मुठभेड़ों में 163 माओवादियों को मार गिराने में सुरक्षा बलों को सफलता मिली है। वर्ष 2026 में 8 माओवादी ढेर हुए हैं। इस प्रकार जनवरी 2024 से अब तक जिले में चलाए गए माओवादी विरोधी अभियान में कुल 229 माओवादी मारे गए, 1,126 माओवादी गिरफ्तार हुए एवं 876 माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हुए।

बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी. ने कहा कि निरंतर आसूचना आधारित अभियानों और स्थानीय लोगों के सहयोग से बस्तर में माओवादी प्रभाव तेजी से कमजोर हुआ है। उन्होंने शेष माओवादियों से आत्मसमर्पण की अपील भी की।

--आईएएनएस

एसएके/एबीएम