बिहार विधान परिषद चुनाव : महागठबंधन के घटक दल आमने-सामने, पटना स्नातक में जदयू के भीतर ही फंसा पेंच
पटना, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर इंडिया गठबंधन या विपक्षी दल भले ही एकजुट नजर आ रहे हों, लेकिन बिहार में विधान परिषद चुनाव को लेकर विपक्षी एकता की तस्वीर अलग दिखाई दे रही है।
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव में राजद और कांग्रेस के उम्मीदवार कई सीटों पर आमने-सामने हैं। वहीं, जन सुराज ने सभी आठ सीटों पर उम्मीदवार उतारकर मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। बिहार विधान परिषद की चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होगा, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को होगी।
एनडीए ने अपने हिस्से की चार-चार सीटें भाजपा और जदयू के बीच बांटी हैं। जदयू ने पटना स्नातक सीट से नीरज कुमार समेत चार उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि भाजपा भी चार सीटों पर चुनाव लड़ रही है। महागठबंधन में सीटों का तालमेल हालांकि पूरी तरह साफ नहीं दिख रहा है। राजद ने छह सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए हैं, जबकि कांग्रेस ने पांच सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं। कोसी स्नातक, दरभंगा स्नातक और पटना स्नातक सीट पर दोनों दलों के उम्मीदवार आमने-सामने हैं।
वहीं दरभंगा शिक्षक और पटना शिक्षक सीट पर राजद ने उम्मीदवार नहीं उतारा है और यहां कांग्रेस के प्रत्याशी मैदान में हैं। महागठबंधन के सहयोगी दलों के बीच चुनावी टकराव नया नहीं है। 2025 के विधानसभा चुनाव में भी कई सीटों पर सहयोगी दलों के प्रत्याशी आमने-सामने आए थे। इसे कई जगह 'फ्रेंडली फाइट' कहा गया था। इस बार जन सुराज ने सभी आठ सीटों पर प्रत्याशी उतारकर मुकाबले को त्रिकोणीय और बहुकोणीय बनाने की कोशिश की है।
पटना स्नातक सीट पर डॉ. अनुज सिंह को उम्मीदवार बनाया गया है। उनके सामने एनडीए समर्थित जदयू उम्मीदवार नीरज कुमार हैं। इस सीट पर जदयू के भीतर का विवाद चुनाव को और दिलचस्प बना रहा है। मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह खुले तौर पर जनसुराज के उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह के समर्थन में खड़े हैं। एक अक्टूबर को अनुज सिंह के नामांकन के दौरान भी अनंत सिंह उनके साथ नजर आए थे। उन्होंने नीरज कुमार के खिलाफ प्रचार करने की बात कही है।
अनंत सिंह का कहना है कि विधान परिषद का चुनाव पार्टी के चुनाव चिह्न पर नहीं होता, इसलिए वह इसे जदयू के खिलाफ चुनाव नहीं मानते। नीरज कुमार को लेकर उनका विरोध व्यक्तिगत कारणों से जुड़ा बताया गया है। अनंत सिंह ने अब अनुज सिंह के समर्थन में चुनाव प्रचार भी कर रहे हैं। उन्होंने मतदाताओं से अनुज सिंह को समर्थन देने की अपील की।
इधर, नीरज कुमार ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने उन्हें मजबूती से चुनाव लड़ने और जीत के लिए प्रयास करने का संदेश दिया। इस तरह पटना स्नातक सीट पर एक ओर पार्टी नेतृत्व का समर्थन प्राप्त जदयू उम्मीदवार हैं, तो दूसरी ओर उसी दल के विधायक का समर्थन जन सुराज प्रत्याशी को मिल रहा है। ऐसे में बिहार का यह विधान परिषद चुनाव केवल दलों के बीच मुकाबला नहीं, बल्कि गठबंधन की अंदरूनी राजनीति और बदलते राजनीतिक समीकरण को भी कसौटी पर कसता दिख रहा है।
--आईएएनएस
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