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बिहार: राजगीर, मंदार हिल और नागी-नकटी बने इको-टूरिज्म के नए आकर्षण, दो वर्षों में 36 फीसदी बढ़े पर्यटक

 

पटना, 26 अगस्त (आईएएनएस)। बिहार में पर्यटन की तस्वीर तेजी से बदल रही है। ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों के साथ अब प्राकृतिक सुंदरता, वन्यजीव और रोमांच से जुड़े इको-टूरिज्म केंद्र भी पर्यटकों की पसंद बन रहे हैं। खासकर राजगीर नेचर सफारी, मंदार हिल और नागी-नकटी पक्षी आश्रयणी में पर्यटकों की बढ़ती संख्या राज्य में इको-टूरिज्म की लोकप्रियता को दर्शाती है।

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022-23 में बिहार के इको-टूरिज्म केंद्रों पर 55,20,156 पर्यटक पहुंचे थे, जबकि 2024-25 में यह संख्या बढ़कर 74,90,847 हो गई। यानी दो वर्षों में पर्यटकों की संख्या करीब 35.7 फीसदी बढ़ी है। आंकड़ों के मुताबिक, राजगीर नेचर सफारी इस बदलाव का सबसे प्रमुख उदाहरण बनकर उभरी है। वर्ष 2022-23 में यहां करीब 1.59 लाख पर्यटक पहुंचे थे, जबकि 2024-25 में यह आंकड़ा बढ़कर करीब तीन लाख हो गया। यानी दो वर्षों में पर्यटकों की संख्या लगभग 1.89 गुना बढ़ी।

पहाड़ियों और हरियाली के बीच विकसित नेचर सफारी में ग्लास स्काईवॉक, जिपलाइन, स्काई साइकिलिंग और सस्पेंशन ब्रिज जैसे रोमांचक आकर्षण पर्यटकों को खींच रहे हैं। बच्चों और युवाओं के लिए आर्चरी, राइफल शूटिंग, ट्रैंपोलिन और वॉल क्लाइंबिंग जैसी गतिविधियां भी उपलब्ध हैं।

बांका का मंदार हिल भी इको-टूरिज्म के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। यहां वर्ष 2022-23 में करीब 80 हजार पर्यटक पहुंचे थे, जबकि 2024-25 में यह संख्या बढ़कर करीब 98 हजार हो गई। प्राकृतिक वातावरण और धार्मिक-सांस्कृतिक महत्व के कारण मंदार हिल पर्यटकों के लिए खास आकर्षण बना हुआ है। जमुई की नागी-नकटी पक्षी आश्रयणी में भी पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2022-23 में यहां 30,797 पर्यटक पहुंचे थे, जो 2024-25 में बढ़कर 48,068 हो गए।

पक्षियों की विविधता और प्राकृतिक वातावरण इस क्षेत्र को प्रकृति प्रेमियों के बीच लोकप्रिय बना रहा है। वहीं, कैमूर का करमचट डैम और मुंगेर का भीमबांध भी तेजी से उभर रहे हैं। करमचट डैम में पर्यटकों की संख्या 46,163 से बढ़कर 1,49,832 हो गई, जबकि भीमबांध में 35,093 से बढ़कर 85,868 पर्यटक पहुंचे।

अधिकारियों के मुताबिक, इको-टूरिज्म को और विस्तार देने के लिए विभाग निजी निवेश को भी बढ़ावा दे रहा है। पीपीपी मॉडल के तहत 276 परियोजनाओं की पहचान की गई है। इनमें 29 जलाशय आधारित तथा 247 तालाब, झील, आर्द्रभूमि और अन्य जल निकायों से जुड़ी परियोजनाएं हैं।

सरकार का दावा है कि चयनित परियोजनाओं को 30 वर्ष की लीज पर विकसित किया जाएगा। सरकार समयबद्ध स्वीकृति, व्यवहार्यता अंतर वित्त पोषण और बिहार पर्यटन नीति के तहत प्रोत्साहन उपलब्ध कराएगी। इससे आने वाले वर्षों में बिहार के प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।

--आईएएनएस

एमएनपी/डीएससी