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बिहार: इंटरमीडिएट परीक्षा को निष्पक्ष कराने को लेकर नवादा में जिला प्रशासन सख्त, डीएम ने ली अधिकारियों की ब्रीफिंग

 

नवादा, 31 जनवरी (आईएएनएस)। जिला प्रशासन इंटरमीडिएट वार्षिक (सैद्धान्तिक) परीक्षा-2026 को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराने के उद्देश्य से पूरी तरह सतर्क है।

इसी क्रम में जिला पदाधिकारी नवादा रवि प्रकाश की अध्यक्षता में शनिवार को डाइट, नवादा परिसर में सभी परीक्षा केन्द्रों के केन्द्राधीक्षकों, दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की संयुक्त ब्रीफिंग आयोजित की गई। बैठक में परीक्षा संचालन से जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

जिला पदाधिकारी ने जानकारी दी कि इंटरमीडिएट वार्षिक (सैद्धान्तिक) परीक्षा 2 फरवरी से 13 फरवरी 2026 तक आयोजित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी परीक्षा केन्द्रों पर कड़े सुरक्षा एवं निगरानी इंतजाम किए गए हैं। परीक्षार्थियों को प्रवेश द्वार पर सघन तलाशी के बाद ही केन्द्र में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। परीक्षार्थी केवल अपना एडमिट कार्ड और पेन लेकर ही परीक्षा केन्द्र में प्रवेश कर सकेंगे। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट या अवांछित कागजात पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।

जिला पदाधिकारी ने बताया कि प्रथम पाली की परीक्षा के लिए सुबह 9:00 बजे तथा द्वितीय पाली के लिए दोपहर 1:30 बजे सभी परीक्षा केन्द्रों के प्रवेश द्वार बंद कर दिए जाएंगे। निर्धारित समय के बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि कोई परीक्षार्थी चारदीवारी फांदकर, पिछले रास्तों से या किसी अन्य अनुचित माध्यम से परीक्षा केन्द्र में प्रवेश करने का प्रयास करता है तो इसे गंभीर अपराध मानते हुए उसके विरुद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने परीक्षार्थियों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि से दूर रहें और बिना किसी दबाव या भय के परीक्षा दें। जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन परीक्षार्थियों की किसी कारणवश परीक्षा छूट जाती है, उन्हें अप्रैल में आयोजित होने वाली कंपार्टमेंटल परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलेगा, जिससे उनके शैक्षणिक भविष्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

जिला पदाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि परीक्षा कक्ष के भीतर शिक्षकों द्वारा परीक्षार्थियों की पुनः सघन तलाशी ली जाएगी। यदि किसी परीक्षार्थी के पास परीक्षा कक्ष में चीट-पुर्जा, मोबाइल फोन या अन्य प्रतिबंधित सामग्री पाई जाती है, तो संबंधित परीक्षार्थी के साथ-साथ संबंधित शिक्षक के विरुद्ध भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सभी परीक्षा केन्द्रों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से समय-समय पर आवश्यक सूचनाएं और निर्देश प्रसारित किए जाएंगे तथा सीट प्लानिंग को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाएगा।

परीक्षा से संबंधित प्रश्न-पत्रों और उत्तर-पुस्तिकाओं की सुरक्षा को लेकर भी सख्त व्यवस्था की गई है। प्रश्न-पत्रों की निकासी, वितरण और उत्तर-पुस्तिकाओं की सीलिंग की पूरी प्रक्रिया वीडियोग्राफी के साथ कराई जाएगी। परीक्षा समाप्ति के बाद उत्तर-पुस्तिकाओं को विधिवत सीलबंद कर वज्रगृह में सुरक्षित रखा जाएगा। वज्रगृह की सुरक्षा के लिए सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती की गई है और निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार ही चाभी का संचालन होगा।

जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी शम्भू शरण पांडेय ने बताया कि परीक्षा संचालन में बाधा डालने या नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सभी परीक्षा केन्द्रों के 500 गज की परिधि में निषेधाज्ञा लागू रहेगी और फोटोस्टेट व साइबर कैफे की दुकानें बंद रहेंगी। परीक्षार्थियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी परीक्षा केन्द्रों पर पेयजल, बिजली, जेनरेटर, लाउडस्पीकर, वीडियोग्राफी और सीसीटीवी कैमरों की समुचित व्यवस्था की गई है।

किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए जिला नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है, जहां मेडिकल टीम भी तैनात रहेगी। जिले में कुल 30 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं, जिनमें नवादा शहर में 19, वारिसलीगंज में 4, हिसुआ में 2 और रजौली अनुमंडल मुख्यालय में 5 परीक्षा केन्द्र शामिल हैं। इनमें से चार परीक्षा केन्द्रों को आदर्श परीक्षा केन्द्र के रूप में विकसित किया गया है। बैठक में जिला प्रशासन और पुलिस के वरीय अधिकारी सहित सभी केन्द्राधीक्षक उपस्थित रहे।

--आईएएनएस

एसएचके/डीकेपी