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बिहार : मुजफ्फरपुर में लोजपा (रामविलास) विधायक के आवास पर पुलिस की छापेमारी, जमीन विवाद मामले में तलाशी

 

मुजफ्फरपुर, 23 अगस्त (आईएएनएस)। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जमीन विवाद से जुड़े मामले में पुलिस ने लोजपा (रामविलास) के सीतामढ़ी जिले के बेलसंड से विधायक अमित कुमार उर्फ रानू के आवास पर रविवार को छापेमारी कर गहन तलाशी ली। पुलिस ने यह कार्रवाई न्यायालय से प्राप्त तलाशी वारंट के आधार पर की। विधायक का आवास मुजफ्फरपुर के सरस्वतीनगर में स्थित है। कार्रवाई के दौरान इलाके में काफी हलचल रही।

मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कांतॆश कुमार मिश्रा ने बताया कि 20 अगस्त को अहियापुर थाना क्षेत्र के झपाहा उड़न डी में करीब 50 लोगों के निर्माणाधीन मकानों और बाउंड्री वॉल को तोड़े जाने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में यह मामला संगठित तरीके से जमीन पर कब्जा करने और बाउंड्री तोड़ने से जुड़ा पाया गया। एसएसपी ने बताया कि प्राथमिकी मुख्य अभियुक्त सुमित श्रीवास्तव और सोनू सिंह के खिलाफ दर्ज हुई थी।

जांच के दौरान सामने आए वीडियो के आधार पर सनी सिंह और सुमित श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया गया। आगे की जांच में विधायक के भाई सोनू सिंह की कथित संलिप्तता सामने आई है। पुलिस का कहना है कि विधायक अमित कुमार की भूमिका को लेकर भी जांच में कुछ तथ्य सामने आए हैं और इस संबंध में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस ने शनिवार सुबह विधायक के आवास पर तलाशी ली।

एसएसपी के मुताबिक, तलाशी के दौरान वर्ष 2017 का एक हस्ताक्षरित स्टांप पेपर मिला है, जिसके फर्जी होने की आशंका है। इसके अलावा कुछ साझेदारी समझौते, बैंक से जुड़े दस्तावेज और वाहनों के कागजात भी बरामद किए गए हैं। पुलिस इन दस्तावेजों को आर्थिक अपराध इकाई के साथ साझा करने की तैयारी में है, ताकि आर्थिक पहलुओं की भी जांच हो सके। एसएसपी ने बताया कि शुरुआती प्राथमिकी के बाद पुलिस कार्रवाई और दो आरोपियों की गिरफ्तारी के पश्चात 12 अन्य लोग सामने आए।

इन लोगों की शिकायत पर शुक्रवार को 12 अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। इस तरह अब तक कुल 13 प्राथमिकी दर्ज हो चुकी हैं। पुलिस अन्य पीड़ितों से भी संपर्क कर रही है और उनकी शिकायत मिलने पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में लोगों में भय का माहौल सामने आया है। पुलिस को यह मामला संगठित अपराध और पूर्व में सक्रिय रहे संरक्षण गिरोह से जुड़े होने की आशंका भी है। मामले में नाम सामने आए अन्य आरोपियों के ठिकानों पर भी छापेमारी की जाएगी।

पुलिस ने कहा कि जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और जरूरत पड़ने पर उनकी संपत्ति का आकलन कर जब्ती की कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। विधायक और अन्य संदिग्धों के खिलाफ पुलिस फिलहाल साक्ष्य जुटाने में लगी है।

--आईएएनएस

एमएनपी/पीएम