बिहार में विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने पर राजद और कांग्रेस ने सरकार को घेरा, भ्रष्टाचार का प्रमाण बताया
पटना, 4 मई (आईएएनएस)। भागलपुर से उत्तर बिहार को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण विक्रमशिला सेतु रविवार की देर रात को क्षतिग्रस्त होने के बाद अब प्रदेश की सियासत गर्म हो गई है। इस पुल के क्षतिग्रस्त होने पर राजद और कांग्रेस ने एनडीए सरकार पर निशाना साधा है।
राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने पुल के क्षतिग्रस्त होने को लेकर आरोप लगाते हुए कहा कि विगत दो साल में बिहार में 100 से अधिक पुल-पुलिया गिरे हैं, तभी तो बिहार भ्रष्टाचार में शीर्ष पर है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा, "और अब भ्रष्ट एनडीए सरकार के सौजन्य से भागलपुर में विक्रमशिला पुल ने गंगा नदी में समाधि ले ली। भ्रष्टाचार का इससे भी बड़ा कोई प्रत्यक्ष प्रमाण चाहिए।" उन्होंने आगे कहा कि विगत महीने हम लोगों ने सरकार को आगाह किया था कि यह पुल गिर सकता है, लेकिन आदतन सरकार ने अपनी भ्रष्ट व्यवस्था का बचाव करते हुए पल्ला झाड़ लिया। जिस वक्त पुल गिरा, अनेक वाहन पुल पर थे, लेकिन ईश्वर का आशीर्वाद रहा कि गिरने वाले स्लैब पर नहीं थे, इसलिए जानमाल का नुकसान नहीं हुआ।
तेजस्वी ने क्षतिग्रस्त विक्रमशिला सेतु की तस्वीर भी शेयर की है। इधर, बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश राम ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राज्य सरकार को इसके लिए पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि यह घटना सरकार की घोर लापरवाही और व्यापक भ्रष्टाचार का परिणाम है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि विक्रमशिला पुल का रख-रखाव और मेंटेनेंस की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होती है, लेकिन इस मामले में सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है। समय-समय पर पुल की निगरानी और मरम्मत नहीं किए जाने के कारण आज यह महत्वपूर्ण पुल क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे लाखों लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
राजेश राम ने कहा कि करोड़ों रुपए की लागत से बने इस महत्वपूर्ण पुल का इस तरह क्षतिग्रस्त होना बेहद चिंताजनक है। यह पुल न केवल भागलपुर, बल्कि पूरे सीमांचल और कोसी क्षेत्र के लोगों के लिए जीवनरेखा के समान है। इसके बावजूद सरकार द्वारा इसकी समय-समय पर उचित देखरेख और गुणवत्ता की जांच नहीं कराई गई, जिसका खामियाजा आज आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में विकास कार्यों के नाम पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है। विक्रमशिला पुल का हिस्सा टूटना इस बात का प्रमाण है कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की अनदेखी की गई और भ्रष्टाचार के कारण यह पुल समय से पहले ही क्षतिग्रस्त हो गया। उन्होंने इस घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने की बात करते हुए कहा कि जो भी अधिकारी, इंजीनियर या ठेकेदार दोषी हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही सरकार को तुरंत पुल की मरम्मत कराकर आम लोगों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करनी चाहिए।
बता दें कि यह घटना रविवार की देर रात करीब 12:30 बजे की है, जब पुल के 133 नंबर पोल के पास पहले धंसाव शुरू हुआ और एहतियातन तुरंत ट्रैफिक को बंद कर दिया गया। हालांकि, कुछ ही देर बाद पुल का वह हिस्सा पूरी तरह टूटकर नीचे गिर गया।
--आईएएनएस
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