बिहार में कानून व्यवस्था सख्त, अपराधी बचेगा नहीं: राम कृपाल यादव
पटना, 16 जून (आईएएनएस)। बिहार सरकार में मंत्री राम कृपाल यादव ने राबड़ी देवी की चेतावनी और तेज प्रताप यादव की सुरक्षा वापस करने को लेकर रिएक्शन दिया।
आईएएनएस से बातचीत करते हुए राम कृपाल यादव ने कहा कि तेज प्रताप यादव की ओर से सुरक्षा को वापस कर देना अलग बात है, लेकिन उनको सुरक्षा दी गई है। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी के शासनकाल में बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति ठीक है, क्योंकि उनकी ओर से अपराधियों को कड़ा संदेश दिया गया है कि अगर कोई अपराध करेगा तो वह बचेगा नहीं।
उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से बिहार को अपराध मुक्त बनाने का संकल्प लिया गया है। जो अपराध करेगा उसको बख्शा नहीं जाएगा। सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार की पहली प्राथमिकता कानून-व्यवस्था को ठीक करना है।
'इंडिया' गठबंधन को लेकर राम कृपाल यादव ने कहा कि विपक्ष क्या करेगा? यह उन लोगों का आपसी मामला है। अखिलेश यादव पार्टी में किसको लेंगे और किसको नहीं लेंगे? यह उनको ही तय करना है, लेकिन उत्तर प्रदेश में किसी की दाल नहीं गलने वाली है। यूपी में सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा की ही सरकार बनेगी, क्योंकि सीएम योगी ने यूपी के विकास, अमन-चैन, रोजगार और शिक्षा के क्षेत्रों में अभूतपूर्व कार्य किए हैं।
उन्होंने आगे कहा कि अखिलेश यादव की सरकार में उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थित काफी बदहाल थी। अखिलेश यादव को अब दोबारा मौका नहीं मिलने वाला है।
कोचिंग विवाद पर राम कृपाल यादव ने कहा कि बिहार में जो कोचिंग संस्थाएं चलाई जा रही हैं, खान सर और रौशन सर का मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। विद्या मंदिर में अपराध हो, इससे दुर्भाग्यपूर्ण कुछ हो ही नहीं सकता है। मेरा मानना है कि शिक्षा मंदिर को राजनीति से दूर रखना चाहिए। शिक्षा मंदिर को शिक्षा मंदिर रहने दिया जाए, इसके लिए सभी को प्रयास करना चाहिए।
टीएमसी की मौजूदा स्थिति पर राम कृपाल यादव ने कहा कि ममता बनर्जी की पार्टी टूट गई है। टीएमसी से सभी लोगों ने किनारा कर लिया है, क्योंकि अभिषेक बनर्जी की दादागिरी से लोग ऊब गए थे। उनके विश्वास पात्र कल्याण के बयान को तो सभी लोगों ने सुना ही होगा। नेताओं ने टीएमसी को बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। अब टीएमसी का अस्तित्व खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि लगभग 20 सांसदों ने लोकसभा स्पीकर से मुलाकात की है। निश्चित तौर पर उनको मान्यता मिल जाएगी।
--आईएएनएस
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