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बिहार में गंडक का जलप्रवाह बढ़ने का खतरा, विजय चौधरी बोले- घबराएं नहीं, तेजस्वी ने तटबंधों की 24 घंटे निगरानी की मांग की

 

पटना, 26 अगस्त (आईएएनएस)। नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की स्थिति और गंडक नदी में अचानक जलप्रवाह बढ़ने की आशंका के बीच बिहार सरकार ने संबंधित जिलों में विशेष सतर्कता बढ़ा दी है। उप मुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बुधवार को कहा कि नेपाल से लगातार जलप्रवाह को लेकर जानकारी मिल रही है और संभावित स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है। वहीं, बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार और प्रशासन से तटबंधों की 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित करने तथा संवेदनशील इलाकों के लोगों को समय रहते सतर्क करने की मांग की है।

विजय कुमार चौधरी ने बताया कि नेपाल के तिब्बत से सटे क्षेत्र में ग्लेशियर फटने की सूचना मिली है। इसका पानी नेपाल की त्रिशुली नदी के रास्ते नारायणी नदी में आ रहा है, जो बिहार में गंडक नदी के नाम से जानी जाती है। उन्होंने कहा कि स्थिति थोड़ी गंभीर होने की सूचना मिली है और नेपाल सरकार से पानी के संभावित प्रवाह तथा उसके प्रभाव को लेकर लगातार जानकारी प्राप्त हो रही है। नेपाल सरकार के आकलन के अनुसार, देवघाट में जलस्तर करीब तीन मीटर तक बढ़ सकता है।

चौधरी ने बताया कि देवघाट गंडक नदी में संभावित जलप्रवाह का आकलन करने का प्रमुख बिंदु है। वहां फिलहाल करीब 4.7 मीटर पानी है। यदि जलस्तर तीन मीटर बढ़ता है तो यह लगभग पौने आठ मीटर तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि आठ से नौ मीटर या उससे ऊपर जलस्तर पहुंचने पर स्थिति ज्यादा खतरनाक मानी जाती है। नेपाल सरकार के अनुसार, ग्लेशियर से आया पानी अगले दो से तीन घंटे में देवघाट पहुंच सकता है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थिति चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन उपलब्ध आकलन के आधार पर सरकार स्थिति को नियंत्रण से बाहर नहीं जाने देगी। फिलहाल गंडक में बिहार की ओर से जलप्रवाह एक लाख क्यूसेक से कम है। आने वाले अतिरिक्त पानी का आकलन करीब डेढ़ लाख क्यूसेक तक किया गया है। ऐसे में कुल जलप्रवाह करीब ढाई से पौने तीन लाख क्यूसेक से अधिक नहीं जाने की संभावना है।

उन्होंने बताया कि संभावित स्थिति को देखते हुए बाढ़ प्रबंधन से जुड़े सभी जरूरी कार्य पूरे कर लिए गए हैं। संबंधित जिलों के अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। बाढ़ प्रबंधन में विशेषज्ञता रखने वाले अधिकारियों की एक अतिरिक्त टीम भी बुधवार दोपहर रवाना की गई है। देवघाट में पानी पहुंचने के करीब चार घंटे बाद बराज तक पानी पहुंचने की संभावना है। ऐसे में बुधवार की रात महत्वपूर्ण हो सकती है।

विजय चौधरी ने कहा कि बाढ़ की किसी भी आपात स्थिति और बचाव कार्यों के लिए आवश्यक सामग्री तैयार रखी गई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि फिलहाल घबराने या हड़बड़ाने की जरूरत नहीं है, केवल सतर्क रहने की आवश्यकता है। सरकार की ओर से स्थिति की जानकारी समय-समय पर आम लोगों तक पहुंचाई जाएगी।

इधर, नेपाल में फ्लैश फ्लड से हुए जान-माल के नुकसान और बिहार में संभावित खतरे को देखते हुए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी सरकार को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि नेपाल में आकस्मिक बाढ़ के कारण बिहार में जलप्रवाह बढ़ने की संभावना को देखते हुए संबंधित तटवर्ती जिलों के संवेदनशील और प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को सजग करना होगा। साथ ही बिहार सरकार को भी विशेष रूप से सचेत और सतर्क रहना चाहिए।

तेजस्वी यादव ने प्रशासन से किसी भी प्रतिकूल आपात परिस्थिति से निपटने के लिए लगातार निगरानी, राहत-बचाव कार्यों और सभी जरूरी प्रशासनिक एवं तकनीकी तैयारियां रखने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार बांधों और तटबंधों की 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित करे और उनकी मजबूती एवं सुरक्षा पर विशेष ध्यान दे। नेता प्रतिपक्ष ने राजद कार्यकर्ताओं से भी गंडक नदी से जुड़े जिलों में लोगों को जागरूक करने की अपील की।

उन्होंने पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली के स्थानीय लोगों को आवश्यक सूचना और चेतावनी देकर सतर्क करते रहने का आग्रह किया।

--आईएएनएस

एमएनपी/एएमटी