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बिहार में छात्र आंदोलन पर कार्रवाई तेज, सीपीआई (एमएल) का सरकार पर आरोप

 

पटना, 27 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार बिहार में छात्र-युवा आंदोलन के खिलाफकार्रवाई तेज कर रही है। पार्टी का कहना है कि 22 और 25 जुलाई को हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल छात्रों और कार्यकर्ताओं की राज्यभर में गिरफ्तारी की जा रही है और पुलिस बड़े पैमाने पर धरपकड़ अभियान चला रही है।

पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सरकार जंतर-मंतर समझौते का उल्लंघन कर आंदोलन से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। सीपीआई(एमएल) लिबरेशन के मुताबिक ताजा कार्रवाई में सिवान में रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन (आरवाईए) के चार नेताओं को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार नेताओं में संगठन के सिवान जिला उपाध्यक्ष विशाल यादव के अलावा अरुण कुमार, विश्वकर्मा कुशवाहा और पवन कुशवाहा शामिल हैं।

पार्टी ने यह भी दावा किया कि कई छात्र नेता और राजनीतिक कार्यकर्ता अब भी जेल में हैं। इनमें सीपीआई(एमएल) के विधायक संदीप सौरव, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष धनंजय, पार्टी नेता दिव्यम, एआईएसए के बिहार सचिव दीपांकर मिश्रा और एआईएसए की पटना विश्वविद्यालय इकाई की अध्यक्ष सबा आफरीन सहित कई अन्य छात्र कार्यकर्ता और विपक्षी नेता शामिल हैं।

सीपीआई (एमएल) लिबरेशन ने बताया कि एआईएसए की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा बिहार पहुंच गई हैं। पार्टी के अनुसार, वह गिरफ्तार किए गए छात्रों और अन्य प्रदर्शनकारियों से मुलाकात करेंगी। इसके साथ ही उनके खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी लेंगी और राज्य सरकार से युवाओं के खिलाफ कथित दमनात्मक कार्रवाई रोकने की मांग करेंगी।

पार्टी ने कहा कि जब तक गिरफ्तार किए गए सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं और छात्रों को रिहा नहीं किया जाता और उनके खिलाफ दर्ज सभी मामले वापस नहीं लिए जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही इसे पूरे बिहार में और व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा।

--आईएएनएस

एसएचके/वीसी