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बिहार में बाढ़ का दायरा बढ़ा, 13 जिलों में 29.13 लाख लोग प्रभावित, 238 सामुदायिक रसोई संचालित

 

पटना, 7 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार में विभिन्न नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के 13 जिलों के 77 प्रखंडों की 438 ग्राम पंचायतों के अंतर्गत करीब 29.13 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों के लिए राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं।

बाढ़ प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया और अरवल शामिल हैं।

केंद्रीय जल आयोग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, सोमवार को गंगा नदी का जलस्तर पटना के गांधीघाट पर 50.57 मीटर दर्ज किया गया, जो 21 अगस्त 2016 के पिछले उच्चतम बाढ़ स्तर (एचएफएल) 50.52 मीटर से 0.05 मीटर ऊपर है। यहां जलस्तर स्थिर है।

पंडारक में गंगा 43.92 मीटर पर बह रही है, जो पिछले एचएफएल 43.73 मीटर से 0.19 मीटर ऊपर है। दानापुर में गंगा का जलस्तर 52.63 मीटर दर्ज किया गया, जो 52.61 मीटर के पिछले एचएफएल से 0.02 मीटर ऊपर है। वहीं बांका घाट में जलस्तर 49.47 मीटर है, जो पिछले एचएफएल 49.44 मीटर से 0.03 मीटर अधिक है। इन सभी स्थानों पर जलस्तर की प्रवृत्ति स्थिर बताई गई है।

गंडक नदी डुमरिया घाट और हाजीपुर, कोसी नदी बलतारा और कुर्सेला, बूढ़ी गंडक खगड़िया, गंगा नदी दीघा, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव, बक्सर और मुंगेर, पुनपुन नदी श्रीपालपुर, बागमती नदी बेनीबाद तथा घाघरा नदी दरौली और गंगपुर में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए विभिन्न जिलों में 238 सामुदायिक रसोई केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इनके माध्यम से अब तक करीब 5.12 लाख थालियों में भोजन उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा 12 राहत शिविर भी चलाए जा रहे हैं, जहां 7,368 बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए आवासन, भोजन और चिकित्सा सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। राहत कार्य के तहत अब तक करीब 92,600 पॉलीथीन शीट और 19,130 ड्राई राशन पैकेट वितरित किए जा चुके हैं।

बाढ़ प्रभावित आबादी के निष्क्रमण और आवागमन को सुगम बनाने के लिए 1,740 नावों का परिचालन कराया जा रहा है।

प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक, 6 सितंबर की तुलना में 7 सितंबर को राहत कार्यों में तेजी आई है। 6 सितंबर को करीब 190 सामुदायिक रसोई केंद्र संचालित थे, जिनकी संख्या बढ़कर 238 हो गई। इसी तरह नावों की संख्या 1,429 से बढ़कर 1,740 हो गई। ड्राई राशन पैकेट का वितरण 12,712 से बढ़कर 19,130 और पॉलीथीन शीट का वितरण 65,700 से बढ़कर 92,579 हो गया है। चिकित्सा शिविरों की संख्या भी 171 से बढ़कर 261 हो गई है। नदियों के जलस्राव पर भी प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।

7 सितंबर को शाम छह बजे वाल्मीकिनगर बराज पर गंडक नदी का जलस्राव 1,14,000 क्यूसेक दर्ज किया गया और इसकी प्रवृत्ति स्थिर है। वीरपुर बराज पर कोसी नदी का जलस्राव 2,02,670 क्यूसेक दर्ज किया गया और इसकी प्रवृत्ति घटने की है।

इंद्रपुरी बराज पर सोन नदी का जलस्राव 1,33,427 क्यूसेक दर्ज किया गया है और इसकी प्रवृत्ति बढ़ने की है। इस वर्ष अब तक सोन नदी का अधिकतम जलस्राव 2 सितंबर को 5,63,654 क्यूसेक दर्ज किया गया था। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए त्वरित राहत और बचाव कार्य के लिए एसडीआरएफ की 27 और एनडीआरएफ की 10 टीमें विभिन्न जिलों में प्रतिनियुक्त की गई हैं।

इस बीच, बिहार मौसम सेवा केंद्र ने अगले दो दिनों के दौरान राज्य के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश तथा कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में नदियों के जलस्तर और बाढ़ की स्थिति पर प्रशासन लगातार निगरानी रख रहा है।

--आईएएनएस

एमएनपी/डीकेपी