बिहार में बाढ़ का दबाव बरकरार, सात नदियां खतरे के निशान से ऊपर, गंगा के कई घाटों पर घटा पानी
पटना, 7 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार में बाढ़ की स्थिति फिलहाल गंभीर बनी हुई है। जल संसाधन विभाग की सोमवार की सुबह के रिपोर्ट के अनुसार राज्य की गंडक, कोसी, बागमती, बूढ़ी गंडक, गंगा, पुनपुन और घाघरा नदियां विभिन्न स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। हालांकि, कई स्थानों पर जलस्तर में गिरावट भी दर्ज की गई है, जबकि गंगा समेत कुछ नदियों के निचले इलाकों में बढ़ोतरी जारी है।
रिपोर्ट के मुताबिक गंडक नदी डुमरियाघाट में 62.77 मीटर और हाजीपुर में 50.47 मीटर पर बह रही है। दोनों स्थानों पर जलस्तर खतरे के निशान से क्रमश: 55 और 15 सेंटीमीटर ऊपर है, लेकिन दोनों जगह जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। इसके विपरीत कोसी के बलतारा और कुरसेला में जलस्तर क्रमश: 35.13 और 31.28 मीटर है। बलतारा में पानी घट रहा है, जबकि कुरसेला में बढ़ रहा है।
बागमती बेनीबाद में खतरे के निशान से 25 सेंटीमीटर ऊपर 48.93 मीटर पर पहुंच गई है और इसका जलस्तर बढ़ रहा है। बूढ़ी गंडक खगड़िया में 38.50 मीटर पर है, जो खतरे के निशान से 1.92 मीटर ऊपर है। यहां भी जलस्तर बढ़ने का रुझान है। पुनपुन श्रीपालपुर में 53.47 मीटर पर पहुंच गई है और खतरे के निशान से 2.87 मीटर ऊपर बह रही है। सबसे अहम स्थिति गंगा नदी की है।
रिपोर्ट के अनुसार पटना के दीघा में गंगा का जलस्तर 51.78 मीटर, गांधी घाट पर 50.41 मीटर, हाथीदह में 43.52 मीटर, मुंगेर में 40.06 मीटर, भागलपुर में 34.44 मीटर और कहलगांव में 32.61 मीटर दर्ज किया गया है। पटना के दीघा और गांधी घाट पर जलस्तर में गिरावट आई है, जबकि हाथीदह, मुंगेर, भागलपुर और कहलगांव में पानी बढ़ रहा है। गांधी घाट पर गंगा खतरे के निशान से 1.81 मीटर और हाथीदह में 1.76 मीटर ऊपर है। पिछले 24 घंटे की तुलना में प्रमुख बैराजों से पानी के बहाव में भी अलग-अलग रुझान देखने को मिला है।
बीरपुर बैराज से कोसी नदी में पानी का डिस्चार्ज 2,16,025 क्यूसेक से घटकर 1,96,645 क्यूसेक रह गया है। यानी करीब 19,380 क्यूसेक की कमी दर्ज की गई है। इसके विपरीत वाल्मीकिनगर बैराज से गंडक नदी में पानी का डिस्चार्ज 1,19,000 क्यूसेक से बढ़कर 1,21,500 क्यूसेक हो गया है। यानी 2,500 क्यूसेक की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, इंद्रपुरी बैराज से सोन नदी में पानी का बहाव 1,88,257 क्यूसेक से घटकर 1,39,847 क्यूसेक रह गया है। इसमें करीब 48,410 क्यूसेक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
तुलनात्मक रूप से देखें तो उत्तर बिहार की गंडक, बागमती और बूढ़ी गंडक में कई स्थानों पर पानी बढ़ रहा है जबकि कोसी के कुछ हिस्सों में राहत के संकेत हैं। दक्षिण और मध्य बिहार में गंगा का रुख भी एक समान नहीं है- पटना के कुछ घाटों पर पानी घट रहा है जबकि हाथीदह से कहलगांव तक कई स्थानों पर जलस्तर बढ़ रहा है। ऐसे में नदी किनारे बसे इलाकों में लगातार निगरानी और सतर्कता जरूरी बनी हुई है।
--आईएएनएस
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