बिहार को विकास की पटरी पर लाने वाले नेता हैं नीतीश कुमार: संजय झा
पटना, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। नीतीश कुमार के इस्तीफे को लेकर बिहार की राजनीति में इस समय काफी हलचल देखने को मिल रही है। इस बीच जेडीयू सांसद संजय झा ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि नीतीश कुमार सिर्फ एक नेता नहीं बल्कि बिहार के 14 करोड़ लोगों के आत्मसम्मान के प्रतीक हैं। उनके अनुसार, एक समय था जब बिहारी शब्द को लेकर लोगों में हीन भावना थी लेकिन नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार की छवि बदली और राज्य ने देश-दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाई।
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने करीब 20 साल तक बिना रुके बिहार की सेवा की है और इस दौरान उन्होंने कभी भी व्यक्तिगत आराम को प्राथमिकता नहीं दी।
संजय झा ने कहा कि नीतीश कुमार का काम करने का तरीका अलग रहा है। राजनीति में अक्सर लोग सत्ता को व्यक्तिगत लाभ के रूप में देखते हैं लेकिन नीतीश कुमार ने दिखाया कि सत्ता का उपयोग सेवा के लिए कैसे किया जाता है। उन्होंने कहा कि चाहे विकास हो, कानून-व्यवस्था हो या सामाजिक सुधार, हर क्षेत्र में नीतीश कुमार का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। नीतीश कुमार लगातार सक्रिय रहते हैं और पार्टी संगठन को मजबूत करने में भी जुटे रहते हैं।
संजय झा ने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि 2005 में जब नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार बनी थी, वह समय बिहार के लिए एक बड़ा बदलाव लेकर आया था। उन्होंने कहा कि उस समय के चुनावों से लेकर अब तक नीतीश कुमार लगातार जमीन पर सक्रिय रहे हैं। बारिश में भी वे प्रचार करते थे और एक दिन में कई सौ किलोमीटर तक यात्रा कर लोगों से जुड़ते थे।
उन्होंने कहा कि आगे भी नीतीश कुमार का मार्गदर्शन बिहार की राजनीति में बना रहेगा। चाहे वह सरकार हो या पार्टी, हर जगह उनका अनुभव और सलाह महत्वपूर्ण रहेगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जेडीयू और सरकार दोनों ही नीतीश कुमार के विचारों पर आगे भी काम करते रहेंगे।
वहीं, भाजपा नेता विनोद नारायण झा ने भी नीतीश कुमार की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार को विकास की पटरी पर लाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। उनके अनुसार, जब भी बिहार का इतिहास लिखा जाएगा, उसमें नीतीश कुमार का नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होगा।
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार लगभग दो दशकों से बिहार की सेवा कर रहे हैं और उनका योगदान किसी एक पद तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि भले ही वे किसी नए पद या भूमिका में जाएं, लेकिन बिहार से उनका जुड़ाव और प्रभाव हमेशा बना रहेगा। उनके द्वारा शुरू की गई विकास की नीतियां आगे भी जारी रहेंगी और राज्य के विकास की दिशा तय करती रहेंगी।
--आईएएनएस
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