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बिहार : गयाजी में पितृपक्ष मेले की तैयारियां तेज, डीएम ने वेदी स्थलों का किया निरीक्षण

 

गयाजी, 19 अगस्त (आईएएनएस)। विश्वभर में 'मोक्ष स्थली' के रूप में प्रसिद्ध गयाजी में पितृपक्ष मेला-2026 की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस वर्ष पितृपक्ष मेला 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक आयोजित किया जाएगा। मेले में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारियों को गति दे दी है। इसी क्रम में जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने बुधवार को वैतरणी तालाब, ब्रह्मसत वेदी स्थल और अक्षयवट वेदी स्थल का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, स्वच्छता तथा मूलभूत सुविधाओं को लेकर कई आवश्यक निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान वैतरणी तालाब में पानी की गहराई को देखते हुए डीएम ने तालाब के चारों ओर करीब तीन फीट पानी के बाद बैरिकेडिंग कराने का निर्देश दिया। बैरिकेडिंग के ऊपर लाल झंडे लगाने को भी कहा गया, ताकि श्रद्धालुओं को गहरे पानी की सीमा की जानकारी मिल सके और वे सुरक्षित रह सकें। उन्होंने तालाब की सीढ़ियों पर जमी काई की सफाई, पानी की स्वच्छता तथा घाट पर टूटे टाइल्स की मरम्मत कराने का निर्देश दिया। डीएम ने वैतरणी घाट पर चेंजिंग रूम और पेयजल की समुचित व्यवस्था करने के साथ खराब पड़ी लाइटों को दुरुस्त कराने को कहा।

घाट के खाली स्थानों पर टेंट-पंडाल लगाने का भी निर्देश दिया गया। नगर आयुक्त को सभी घाटों पर नियमित और बेहतर साफ-सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया। इसके बाद जिला पदाधिकारी ने ब्रह्मसत वेदी स्थल का निरीक्षण किया। यहां बंद पड़े लाइट एंड साउंड प्रोजेक्ट को जल्द चालू कराने का निर्देश दिया गया, ताकि पितृपक्ष मेले के दौरान गयाजी की धार्मिक और ऐतिहासिक महत्ता, पिंडदान की परंपरा तथा भगवान विष्णु से जुड़ी कथाओं की जानकारी श्रद्धालुओं को दी जा सके।

उन्होंने संवास सदन में पर्याप्त रोशनी, बिजली, पानी, शौचालय और पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ब्रह्मसत सहित अन्य वेदी स्थलों के आसपास नालों के टूटे ढक्कनों को दुरुस्त कराने तथा जलजमाव वाले स्थानों पर आवश्यक कार्रवाई कर श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाने को कहा गया। अक्षयवट वेदी स्थल के निरीक्षण के दौरान डीएम ने श्रद्धालुओं के आवागमन वाले रास्तों को समतल कराने और नालियों के टूटे ढक्कनों की मरम्मत कराने का निर्देश दिया।

वेदी स्थल की रंगाई-पुताई और शौचालयों की समुचित सफाई कराने को भी कहा गया। रुक्मिणी तालाब में जमा गाद की सफाई, पानी की स्वच्छता और बेसिक सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए। अक्षयवट वेदी स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए टेंट-पंडाल लगाने तथा संवास सदन में साफ-सफाई, पेयजल, निर्बाध बिजली आपूर्ति, लाइट और पंखे समेत सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा गया।

जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि पितृपक्ष मेला शुरू होने से पहले सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, बिजली, प्रकाश व्यवस्था और सुगम आवागमन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें।

--आईएएनएस

एमएनपी/पीएम