बिहार : गंडक का जलस्तर 91.25 मीटर के नए रिकॉर्ड पर; तटबंधों पर भारी दबाव, तीन स्थानों पर क्षति
पटना, 29 सितंबर (आईएएनएस)। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में कम समय में हुई अत्यधिक बारिश के बाद गंडक नदी में आई फ्लैश फ्लड ने बिहार के कई जिलों में तटबंधों पर दबाव बढ़ा दिया है। वाल्मीकिनगर गंडक बराज से 28 सितंबर की सुबह छह बजे 5,43,500 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद नदी का जलप्रवाह पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली की ओर बढ़ा। इस दौरान बराज पर 13 घंटे तक जलश्राव पांच लाख क्यूसेक से अधिक और 32 घंटे तक चार लाख क्यूसेक से अधिक रहा।
जल संसाधन विभाग के अनुसार, 26 और 27 सितंबर के बीच पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण और गोपालगंज में भी भारी बारिश हुई। इसके चलते बराज के डाउनस्ट्रीम में गंडक नदी का जलस्तर पहले से ही बढ़ा हुआ था। अत्यधिक जलप्रवाह के कारण नदी के तटबंधों पर भारी दबाव बना हुआ है और कई स्थानों पर सीपेज, पाइपिंग तथा ओवरटॉपिंग की स्थिति उत्पन्न हुई। विभाग के मुताबिक, अब तक 169 स्थानों पर सीपेज और पाइपिंग की समस्या को तत्काल कार्रवाई कर सुरक्षित किया गया है।
हालांकि, 28-29 सितंबर की मध्यरात्रि में पश्चिम चंपारण जिले में गंडक नदी के बाएं तट पर निर्मित चंपारण तटबंध को दो स्थानों पर क्षति पहुंची। इनमें बगहा-1 प्रखंड के खैरतवा गांव और बैरिया प्रखंड के फुलियाखाड़ गांव शामिल हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में गंडक नदी के दाएं तट पर बने तटबंध को भी एक स्थान पर क्षति हुई है। विभाग ने बताया कि इस बार बराज से छोड़ा गया अधिकतम जलश्राव वर्ष 2024 के 5,62,500 क्यूसेक के मुकाबले कम रहा, लेकिन बगहा गेज स्थल पर नदी ने जलस्तर का नया रिकॉर्ड बनाया। यहां जलस्तर 91.25 मीटर तक पहुंच गया, जो वर्ष 2024 में दर्ज 90.90 मीटर के पिछले उच्चतम स्तर से 0.35 मीटर अधिक है।
विभाग के अनुसार, नदी में जलश्राव की अवधि और स्थानीय स्तर पर हुई बारिश ने डाउनस्ट्रीम में जलस्तर को प्रभावित किया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जल संसाधन विभाग के मुख्यालय से रात में ही कार्यपालक अभियंता की अध्यक्षता में चार दलों को बगहा, बेतिया, मोतिहारी और गोपालगंज भेजा गया। अतिरिक्त अभियंताओं की भी पहले से तैनाती की गई है। क्षेत्रीय अभियंता तटबंधों पर बाढ़ संघर्षात्मक कार्य में जुटे हैं। संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है और जरूरत के अनुसार तत्काल बचाव एवं मरम्मत कार्य किए जा रहे हैं।
विभाग के अनुसार, अपस्ट्रीम में नदी का जलस्तर घटने, जबकि डाउनस्ट्रीम में बढ़ने की प्रवृत्ति बनी हुई है। वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। संबंधित जिलों में तटबंधों की सुरक्षा और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत का काम जारी है। प्रशासन को भी निचले इलाकों में संभावित जल फैलाव को देखते हुए सतर्क रहने और आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है।
--आईएएनएस
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