बिहार बाढ़ की स्थिति को लेकर सरकार अलर्ट, सीएम खुद कर रहे प्रभावित क्षेत्रों का दौरा : दिलीप जायसवाल
पटना, 7 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार में बाढ़ की स्थिति पर मंत्री दिलीप जायसवाल ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि जब नेपाल के अंदर बाढ़ त्रासदी आई, तो बिहार सरकार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बहुत ही बारीकी से गंडक और पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण इलाके में तैयारी की और बाढ़ से बचाव का काम किया। उन्होंने कहा कि अभी जो कुछ गांव प्रभावित हुए हैं, बिहार सरकार काफी तन्मयता और मेहनत के साथ बाढ़ पीड़ितों की राहत के लिए व्यवस्था कर रही है।
उन्होंने बताया कि प्रभावित इलाकों में कम्युनिटी किचन खोले गए हैं और लगातार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में दौरा भी हो रहा है। उन्होंने कहा, "बिहार सरकार लगातार बाढ़ पीड़ितों के राहत के लिए प्रयासरत है, इसलिए जो भी उचित होगा, वह बिहार सरकार निश्चित रूप से करेगी।"
दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे पर उन्होंने कहा कि कहीं एक बिल्डिंग गिर गई, इसलिए अब सभी बिल्डिंग को तोड़ दिया जाए, तो यह संभव नहीं है। इस तरह की आपदा में जो घर के मालिक हैं और घर के लोग हैं, उनको स्वयं जागरूक होने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि एक जागरूकता अभियान चलना चाहिए, जिससे लोग अपने-अपने घर की परिस्थिति पर ध्यान रखें।
वहीं, कांग्रेस के हालिया एक्स पोस्ट, जिसमें बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर के वाक्य, "छीने हुए अधिकारी भीख में नहीं मिलते, अधिकार वसूल करने होते हैं" का जिक्र किया गया है, पर दिलीप जायसवाल ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर को कभी सम्मान नहीं दिया। यहां तक कि बाबासाहेब की मृत्यु के बाद शव को दफनाने के लिए इन्हीं कांग्रेसियों ने एक इंच जमीन दिल्ली में नहीं दी और बाबासाहेब की पत्नी को उनका शव लेकर बॉम्बे जाना पड़ा।
उन्होंने आगे कहा, "कांग्रेसियों की मृत्यु होती है तो दस-दस एकड़ जमीन दे दी जाती है, लेकिन भीमराव अंबेडकर के शव को दफनाने के लिए जगह नहीं दी गई। जब उनकी पत्नी शव को जहाज से लेकर गईं, तो उस जहाज के किराए का भी नोटिस इसी कांग्रेस ने उनकी पत्नी को भेजा था।"
दिलीप जायसवाल ने कहा जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनी, उसके बाद बाबासाहेब का दिल्ली में स्मारक स्थल बना। कांग्रेसियों को शर्म आनी चाहिए कि जिस तरह से उन्होंने अंबेडकर के साथ बर्ताव किया है।"
राहुल गांधी के इंदौर में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम पर उन्होंने कहा कि राहुल गांधी युवाओं और छात्रों को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि जनमत की ताकत से अब वह पीछे हो गए हैं। तो अब भ्रामक प्रचार, लोगों को भड़काने का काम, यही सब करने का काम उनका रह गया है, लेकिन देश की जनता समझ रही है।
--आईएएनएस
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